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20 करोड़ के बकाएदार पट्टाधारक चार किस्तों में करें अदायगी

Wed, 04 Nov 2020 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:15 PM IST
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20 million defaulted lease holders to pay in four installments
बांदा। इस वर्ष की तिमाही रायल्टी किस्तें न जमा करने वाले खदान संचालकों को प्रशासन ने रियायत देते हुए चार सामान्य किस्तों में जमा करने के निर्देश दिए हैं। यह अदायगी दिसंबर से मार्च 2021 के बीच मासिक किस्तों में ऑनलाइन करनी होगी। बांदा जिले के खदान संचालकों पर 20 करोड़ रुपये बकाया है।
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डीएम आनंद कुमार सिंह ने शासनादेश का हवाला देकर जिले के बालू/मौरंग पट्टाधारकों को जारी पत्र में कहा है कि बालू और मौरंग के खनन पट्टों की मई 2020 तक की राशि (रायल्टी) बकाया है। कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर शासन ने यह राशि दिसंबर से मार्च के मध्य देने की सहूलियत दी है। पहले में यह राशि 30 सितंबर तक जमा करनी थी। डीएम का कहना कि पैसा न जमा करने से कई खदानें चालू नहीं हो पाई हैं। खनिज की उपलब्धता पर असर पड़ रहा है। साथ ही राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पट्टाधारकों से कहा है कि मई 2020 तक की बकाया धनराशि दिसंबर से मार्च के बीच जमा कराना सुनिश्चित करें।
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जय अंबे कांस्ट्रक्शन पर 10 करोड़ बकाया
जिले के खदान पट्टाधारकों पर लगभग 20 करोड़ बकाया है। हालांकि यह राशि गिनीचुनी खदानों के संचालकों पर ही बाकी है। सबसे ज्यादा 10 करोड़ की बकाएदारी जय अंबे कांस्ट्रक्शन (प्रोपाइटर रामनरेश शर्मा) पर है। शेष 10 करोड़ दो अन्य खदानों पर बकाया है। जिला खनिज अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि पट्टाधारकों ने निर्धारित समय पर किस्तें जमा नहीं कीं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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17 पट्टाधारक कंपनियों की डीएम ने कल बुलाई बैठक
खदानों/पहाड़ों की ऊंची बोली लगाकर पट्टा अपने नाम करा लेने के बाद पट्टे की रजिस्ट्री (विलेख) न कराने वाले 17 पट्टाधारकों/कंपनियों के संचालकों की 6 नवंबर को डीएम आनंद कुमार सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में दोपहर एक बजे बैठक बुलाई है। इन्हें जारी पत्र में कहा कि लेटर ऑफ इंटेंट (सहमति पत्र) लेने के बाद भी औपचारिकताएं पूरी करने में रुचि नहीं ली जा रही है।

खनन पट्टा विलेख न होने से प्रस्तावित क्षेत्र में अवैध खनन होने की संभावना है। साथ ही सरकार को मिलने वाला राजस्व प्रभावित हो रहा है। कात्यायनी नेचुरल रिसोर्सेज लि., आरएसआई स्टोन वर्ल्ड प्रा. लि., स्ट्रीम इंफ्राबिल्ड प्रा. लि., विपुल त्यागी, मेसर्स मां जयंती इंफ्रास्ट्रक्चर, थिंकहोम इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरेंद्र पुनिया, संग्राम सिंह, मेसर्स मल्होत्रा ब्रदर्स, एसआर इनोवेशन, विकास ट्रेडर्स, जय मां शारदा ट्रेडर्स, सफदर अली, मुमताज अली, दिशा इंटर प्राइजेज और हर्षित इंटर प्राइजेज शामिल हैं। जिला खनिज अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि इन सभी का लगभग 50 फीसदी पैसा जमा है। उपरोक्त औपचारिकताएं पूरी न कराने पर यह जब्त हो सकता है।
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