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राहतराशि से वंचित मंडल के 2.21 लाख किसान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 30 Sep 2015 11:27 PM IST
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बांदा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद
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हुए छह माह बीत गए पर चित्रकूटधाम मंडल के दो लाख 21 हजार से अधिक किसानों
को अभी भी सरकारी राहत नहीं मिली है। किसानों को राहत राशि देने में शासन
और प्रशासन कंजूसी बरत रहे हैं।
शासन ने जहां 1023 करोड़ में सिर्फ 543 करोड़ रुपये ही दिए, वहीं चारों जिलों का प्रशासन अभी तक खाते में आई धनराशि में 21 करोड़ 54 लाख रुपये किसानों तक नहीं पहुंचा पाया है। सहायता न पाने वालों मेें सबसे ज्यादा किसान महोबा के हैं।
मार्च के अंत में बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, फिर अप्रैल में भी कुदरत का कहर बरपा। खेतों में खड़ी फसल मिट्टी में मिल गई। बुंदेलखंड के किसानों में हायतौबा मच गई। प्रदेश सरकार ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराया।
राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने मंडल के चारों जिलों के 2408 गांवों को प्रभावित बताया। यहां के 9,61,459 किसान चिह्नित किए गए। इनकी 9,93,252 हेक्टेयर फसल चौपट हुई। चारों जिलों के प्रशासन ने सर्वे रिपोर्टों के आधार पर 10 करोड़ 23 लाख 84 हजार रुपये प्रदेश सरकार से मांगे थे।
छह माह बीत चुके हैं। प्रदेश सरकार ने अब तक पांच करोड़ 43 लाख 62 हजार (मात्र 53 फीसदी) ही भेजा है। चारों जनपदों के 9,29,068 किसानों को पांच करोड़ 22 लाख 8 हजार रुपये बांटे जा चुके हैं। चारों जिलों में चिह्नित 2,21,486 किसानों को अभी भी सरकारी राहत नहीं मिली है, जबकि चारों जिलों में 17 सितंबर तक 21 करोड़ 54 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा हैं।
सबसे ज्यादा छह करोड़ 56 लाख महोबा में नहीं बांटे गए हैं। हमीरपुर मेें तीन करोड़ 32 लाख रुपये नहीं बांटे हैं। इस बाबत मंडल मुख्यालय बांदा के एडीएम (राजस्व) डीएस पांडेय का कहना है कि शासन से जितना भी पैसा आता जा रहा है, उसे तत्काल प्रभावित किसानों को बंटवाया जा रहा है।
मौसम की मार सबसे ज्यादा बांदा जनपद में पड़ी। यहां 760 गांवों के 3,75,725 किसान प्रभावित हुए। इनके लिए प्रशासन ने प्रदेश सरकार से 336 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन शासन ने 165 करोड़ 88 लाख रुपये ही दिए। प्रशासन ने इसमें से 161 करोड़ 22 लाख रुपये बांट दिए हैं। चार करोड़ 66 लाख रुपये अभी प्रशासन के पास हैं।
चित्रकूट जनपद में 649 गांवों के 1,82,278 किसान प्रभावित बताए गए हैं। इनके लिए चित्रकूट प्रशासन ने 172 करोड़ 21 लाख रुपये शासन से मांगे थे। शासन ने 91 करोड़ 91 लाख ही दिए। इसमें से 84 करोड़ 91 लाख रुपये प्रशासन ने बांटे हैं। सात करोड़ बचे हैं।
हमीरपुर में 478 गांवों के एक लाख 94 हजार 731 किसान प्रभावित माने गए थे। इनके लिए सरकार से 262 करोड़ चार लाख रुपये मांगे थे, मिले 134 करोड़ 69 लाख। प्रशासन ने 1,62,340 किसानों को 131 करोड़ 37 लाख रुपये बांट दिए। अभी तीन करोड़ 32 लाख रुपये बंटना बाकी है, जबकि राहत राशि पाने के लिए 32,391 किसान शेष हैं।
महोबा जनपद में 521 गांवों के 2,08,725 किसान प्रभावित हुए। इनके लिए शासन ने 253 करोड़ 39 लाख रुपये मांगे, किंतु 151 करोड़ 14 लाख रुपये ही मिले। प्रशासन ने 1,89,095 किसानों को 144 करोड़ 58 लाख रुपये बांट दिए हैं। छह करोड़ 56 लाख बंटना बाकी है। ये आंकड़े 17 सितंबर तक के हैं।
शासन ने जहां 1023 करोड़ में सिर्फ 543 करोड़ रुपये ही दिए, वहीं चारों जिलों का प्रशासन अभी तक खाते में आई धनराशि में 21 करोड़ 54 लाख रुपये किसानों तक नहीं पहुंचा पाया है। सहायता न पाने वालों मेें सबसे ज्यादा किसान महोबा के हैं।
मार्च के अंत में बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, फिर अप्रैल में भी कुदरत का कहर बरपा। खेतों में खड़ी फसल मिट्टी में मिल गई। बुंदेलखंड के किसानों में हायतौबा मच गई। प्रदेश सरकार ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराया।
राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने मंडल के चारों जिलों के 2408 गांवों को प्रभावित बताया। यहां के 9,61,459 किसान चिह्नित किए गए। इनकी 9,93,252 हेक्टेयर फसल चौपट हुई। चारों जिलों के प्रशासन ने सर्वे रिपोर्टों के आधार पर 10 करोड़ 23 लाख 84 हजार रुपये प्रदेश सरकार से मांगे थे।
छह माह बीत चुके हैं। प्रदेश सरकार ने अब तक पांच करोड़ 43 लाख 62 हजार (मात्र 53 फीसदी) ही भेजा है। चारों जनपदों के 9,29,068 किसानों को पांच करोड़ 22 लाख 8 हजार रुपये बांटे जा चुके हैं। चारों जिलों में चिह्नित 2,21,486 किसानों को अभी भी सरकारी राहत नहीं मिली है, जबकि चारों जिलों में 17 सितंबर तक 21 करोड़ 54 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा हैं।
सबसे ज्यादा छह करोड़ 56 लाख महोबा में नहीं बांटे गए हैं। हमीरपुर मेें तीन करोड़ 32 लाख रुपये नहीं बांटे हैं। इस बाबत मंडल मुख्यालय बांदा के एडीएम (राजस्व) डीएस पांडेय का कहना है कि शासन से जितना भी पैसा आता जा रहा है, उसे तत्काल प्रभावित किसानों को बंटवाया जा रहा है।
मौसम की मार सबसे ज्यादा बांदा जनपद में पड़ी। यहां 760 गांवों के 3,75,725 किसान प्रभावित हुए। इनके लिए प्रशासन ने प्रदेश सरकार से 336 करोड़ रुपये मांगे थे, लेकिन शासन ने 165 करोड़ 88 लाख रुपये ही दिए। प्रशासन ने इसमें से 161 करोड़ 22 लाख रुपये बांट दिए हैं। चार करोड़ 66 लाख रुपये अभी प्रशासन के पास हैं।
चित्रकूट जनपद में 649 गांवों के 1,82,278 किसान प्रभावित बताए गए हैं। इनके लिए चित्रकूट प्रशासन ने 172 करोड़ 21 लाख रुपये शासन से मांगे थे। शासन ने 91 करोड़ 91 लाख ही दिए। इसमें से 84 करोड़ 91 लाख रुपये प्रशासन ने बांटे हैं। सात करोड़ बचे हैं।
हमीरपुर में 478 गांवों के एक लाख 94 हजार 731 किसान प्रभावित माने गए थे। इनके लिए सरकार से 262 करोड़ चार लाख रुपये मांगे थे, मिले 134 करोड़ 69 लाख। प्रशासन ने 1,62,340 किसानों को 131 करोड़ 37 लाख रुपये बांट दिए। अभी तीन करोड़ 32 लाख रुपये बंटना बाकी है, जबकि राहत राशि पाने के लिए 32,391 किसान शेष हैं।
महोबा जनपद में 521 गांवों के 2,08,725 किसान प्रभावित हुए। इनके लिए शासन ने 253 करोड़ 39 लाख रुपये मांगे, किंतु 151 करोड़ 14 लाख रुपये ही मिले। प्रशासन ने 1,89,095 किसानों को 144 करोड़ 58 लाख रुपये बांट दिए हैं। छह करोड़ 56 लाख बंटना बाकी है। ये आंकड़े 17 सितंबर तक के हैं।