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मिशन अंत्योदय से नहीं हो पा रहा विकास का उदय
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बंादा। मिशन अंत्योदय के तहत चयनित गांवों में अभी विकास की शुरुआत तक नहीं। 10 माह बाद भी ज्यादातर विभाग ग्राम पंचायतों को अपनी विभागीय योजनाओं से संतृप्त नहीं कर पाए।
मिशन अंत्योदय में पिछले वर्ष जिले की 86 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। इन ग्राम पंचायतों को विभिन्न विकास कार्यों से संतृप्त और विकसित करने का दायित्व तीन दर्जन विभागों को सौंपा गया है। यह काम पूरा करने को 1000 दिन की समय सीमा निर्धारित है। पिछले वर्ष अक्तूबर से विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन 10 माह से अधिक बीत गए हैं। किसी भी गांव में मिशन का शत-प्रतिशत कार्य पूरा नहीं हुआ है। कई विभागों ने तो लापरवाही की चरम सीमा लांघते हुए कार्य योजना तक प्रस्तुत नहीं की है।
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विभागीय जानकारी के मुताबिक, सभी के लिए आवास कार्यक्रम में 15 ग्राम पंचायतें ही संतृप्त हो पाई हैं। जबकि मनरेगा के तहत जल संरक्षण मिशन, ग्राम सड़क के कार्यों में एक भी ग्राम पंचायत संतृप्त नहीं हो पाई है। कृषि, कृषि विपणन व सहकारिता विभाग ने जैविक कृषि में मात्र दो ग्राम पंचायतों को संतृप्त करना बताया है। पंचायतीराज विभाग ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन में 10 ग्राम पंचायतें संतृप्त होने का दावा किया है। इसी तरह अन्य विभाग भी मिशन अत्योंदय के लिए ग्राम पंचायतों में निर्धारित कार्यो को पूरा नहीं कर पाए। निर्धारित दिनों में एक तिहाई यानी लगभग 300 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन गांव 20 फीसदी भी संतृप्त नहीं हो पाए हैं। लगभग आधा दर्जन विभाग ऐसे हैं जिन्होंने अपनी कार्य योजना ही नहीं दी।
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पीडब्ल्यूडी, आरईएस, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, समाज कल्याण, महिला कल्याण, युवा कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, सिंचाई जल संसाधन एवं परती भूमि विकास, लघु सिंचाई, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, कृषि, कृषि विपणन, सहकारिता, पशु पालन, दुग्ध विकास, मत्स्य, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, रेशम, आईटी इलेक्ट्रानिक्स, संस्थागत, ऊर्जा, खाद्य एवं रसद, अतिरिक्त ऊर्जा, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा एवं वस्त्र, श्रम एव पर्यटन विभाग।
बंादा। मिशन अंत्योदय में शामिल कई विभागों द्वारा अपनी प्रगति रिपोर्ट देने में हीलाहवाली की जा रही है। जिला विकास अधिकारी जीके त्रिवेदी ने संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर 27 अगस्त तक हर हाल में प्रगति रिपोर्ट तलब की है। 29 अगस्त को सीडीओ विकास भवन सभागार में इसकी समीक्षा करेंगे। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तत्काल रिपोेर्ट पेश करें। वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बांदा। जनपद में तैनात तीन ग्राम विकास अधिकारियों की पदोन्नति सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पद पर हो गई है। जिला विकास अधिकारी ने बताया कि बबेरू विकास खंड में तैनात ग्राम विकास अधिकारी कमलेश सिंह, बड़ोखर में तैनात राजबहादुर कुशवाहा एवं जसपुरा ब्लाक में तैनात अनिल कुमार श्रीवास्तव की पदोन्नति सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) के पद पर प्रदेश के ग्राम विकास आयुक्त द्वारा की गई है।
-जिले की 86 ग्राम पंचायतों का हुआ चयन
-एक हजार दिन में करना है शत-प्रतिशत संतृप्त
-10 माह बीत गए, कई गांवों में शुरुआत भी नहीं