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तहसील व ब्लाकों में महिलाएं खोलेंगी जलपान गृह
Updated Sat, 11 Nov 2017 11:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। जिला मुख्यालय हो या विकास भवन, तहसील, ब्लाक सभी जगह महिला स्वयं सहायता समूहों के जलपान गृह स्थापित होंगे। जनपद की बड़ी बाजारों में भी महिलाएं कैंटीन, उत्पाद बिक्री केंद्र और भोजनालय चलाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी और नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका परिषद उन्हें दुकान की व्यवस्था कराएगा। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनपद में 2300 महिला स्वयं सहायता समूह गठित हैं। सबसे ज्यादा नरैनी और बड़ोखर खुर्द ब्लाक में हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शासन ने यह पहल की है। इसके तहत इच्छुक महिला समूहों को उनके उत्पाद बिक्री, जलपान व भोजनालय संचालन के लिए कलेक्ट्रेट, विकास भवन, तहसीलों व ब्लाकों में भवन उपलब्ध कराए जाने हैं। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों से कहा है कि अजीविका वृद्धि के लिए महिलाओं को सरकारी प्रोत्साहन दिया जाना जरूरी है।
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें आचार, दलिया, जेम जेली, बुकनू आदि शामिल हैं। प्रशासन व विकास विभाग के सहयोग से पब्लिक प्लेस से जुड़े कार्यालयों में भवन उपलब्ध कराकर बिक्री उत्पाद केंद्र, कैंटीन व भोजनालय खुलवाए जाने हैं। भवन उपलब्ध न होने पर ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी और नगरीय में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी भवन का निर्माण कराएंगे। इच्छुक समूहों को उपलब्ध कराएंगे। एसडीएम अपने क्षेत्र में खंड विकास अधिकारियों से समूहों की सूची प्राप्त होने पर अधिकतम 15 दिन के अंदर उन्हें भवन व स्थान उपलब्ध कराकर उन्हें अवगत कराएंगे। बड़ी बाजारों में भी समूह की महिलाएं बिक्री उत्पाद केंद्र व रेस्टोरेंट का संचालन कर सकेंगी।
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-ईओ और बीडीओ समूहों को उपलब्ध कराएंगे भवन
-डीएम ने उप जिलाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
-उत्पाद की बिक्री भी करेंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
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बांदा। जिला मुख्यालय हो या विकास भवन, तहसील, ब्लाक सभी जगह महिला स्वयं सहायता समूहों के जलपान गृह स्थापित होंगे। जनपद की बड़ी बाजारों में भी महिलाएं कैंटीन, उत्पाद बिक्री केंद्र और भोजनालय चलाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी और नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका परिषद उन्हें दुकान की व्यवस्था कराएगा। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनपद में 2300 महिला स्वयं सहायता समूह गठित हैं। सबसे ज्यादा नरैनी और बड़ोखर खुर्द ब्लाक में हैं। इन्हें ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शासन ने यह पहल की है। इसके तहत इच्छुक महिला समूहों को उनके उत्पाद बिक्री, जलपान व भोजनालय संचालन के लिए कलेक्ट्रेट, विकास भवन, तहसीलों व ब्लाकों में भवन उपलब्ध कराए जाने हैं। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों से कहा है कि अजीविका वृद्धि के लिए महिलाओं को सरकारी प्रोत्साहन दिया जाना जरूरी है।
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स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें आचार, दलिया, जेम जेली, बुकनू आदि शामिल हैं। प्रशासन व विकास विभाग के सहयोग से पब्लिक प्लेस से जुड़े कार्यालयों में भवन उपलब्ध कराकर बिक्री उत्पाद केंद्र, कैंटीन व भोजनालय खुलवाए जाने हैं। भवन उपलब्ध न होने पर ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी और नगरीय में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी भवन का निर्माण कराएंगे। इच्छुक समूहों को उपलब्ध कराएंगे। एसडीएम अपने क्षेत्र में खंड विकास अधिकारियों से समूहों की सूची प्राप्त होने पर अधिकतम 15 दिन के अंदर उन्हें भवन व स्थान उपलब्ध कराकर उन्हें अवगत कराएंगे। बड़ी बाजारों में भी समूह की महिलाएं बिक्री उत्पाद केंद्र व रेस्टोरेंट का संचालन कर सकेंगी।
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-ईओ और बीडीओ समूहों को उपलब्ध कराएंगे भवन
-डीएम ने उप जिलाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
-उत्पाद की बिक्री भी करेंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं