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उमस से बेचैन लोगों को 16 एमएम बारिश ने दी राहत
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बांदा। मानसून के आगाज के पहले ही दिन 15 जून को तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। लगभग 16 मिलीमीटर (एमएम) बारिश रिकार्ड की गई है। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई, लेकिन उमस भरी चिपचिपी गर्मी से लोग बेचैन रहे। उधर, पहली बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। नाले-नालियों का कचरा सड़कों पर आ गया।
लगातार तीन दिनों से तेज धूप की तपन और भीषण गर्मी से लोग बेचैन थे। 15 जून (मंगलवार) को मानसूनी मौसम का पहला दिन था। देर रात करीब साढ़े 10 बजे मौसम में तेजी से बदलाव आया और बारिश शुरू हो गई। लगभग डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई।
उमस और गर्मी से लोगों ने राहत महसूस की। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार की रात लगभग 15.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि बुधवार को बादलों की आवाजाही रही। लेकिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया।
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केंद्रीय जल आयोग के मौसम जानकारों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र बनने से दक्षिण पश्चिम हवाओं की वजह से मानसून ने पहले ही दस्तक दे दी। इसी का नतीजा है कि 15 जून को रात में ही झमाझम बारिश हो गई। अगले दो-तीन दिनों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। उधर, बारिश से शहर की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। नाले-नालियों का कूड़ा-करकट सड़कों पर आ गया। बुधवार को सुबह नगर पालिका सफाई कर्मियों ने साफ किया।
मामूली बारिश में धड़ाम हुई बिजली आपूर्ति
मामूली आंधी और बारिश में ही बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। शहर के अधिकांश इलाके रात को अंधेरे में डूबे रहे, जबकि आंधी-पानी शुरू होने से पहले ही बिजली विभाग ने आपूर्ति बंद कर दी थी। इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों में फाल्ट आने से आपूर्ति बाधित रही।
साढ़े 12 बजे भूरागढ़ और एक बजे टेलीफोन एक्सचेंज, अलीगंज फीडर व महेश्वरी देवी फीेडर चालू हो सके। छोटी बाजार फीडर से जुड़े दर्जनभर मोहल्ले देर रात तक अंधेरे में रहे। अवर अभियंता कांता प्रसाद ने बताया कि छाबी तालाब में डिस्क इंसुलेटर पंक्चर हो जाने से आपूर्ति प्रभावित रही। हालांकि तड़के आपूर्ति बहाल हो सकी।
बारिश से तत्काल कोई लाभ नहीं
बांदा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि जून माह में मौसमी साग सब्जी को छोड़कर अन्य कोई फसल नहीं होती है। बारिश से किसानों को तत्काल कोई लाभ नहीं है। हालांकि खेतों में नमी रहने से इसका लाभ खरीफ की फसल में मिलेगा। साथ ही ढैंचा सहित अन्य खाद की बुआई करने वाले किसानों को पानी नही देना पड़ेगा।
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लगातार तीन दिनों से तेज धूप की तपन और भीषण गर्मी से लोग बेचैन थे। 15 जून (मंगलवार) को मानसूनी मौसम का पहला दिन था। देर रात करीब साढ़े 10 बजे मौसम में तेजी से बदलाव आया और बारिश शुरू हो गई। लगभग डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई।
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उमस और गर्मी से लोगों ने राहत महसूस की। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार की रात लगभग 15.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि बुधवार को बादलों की आवाजाही रही। लेकिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया।
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केंद्रीय जल आयोग के मौसम जानकारों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र बनने से दक्षिण पश्चिम हवाओं की वजह से मानसून ने पहले ही दस्तक दे दी। इसी का नतीजा है कि 15 जून को रात में ही झमाझम बारिश हो गई। अगले दो-तीन दिनों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। उधर, बारिश से शहर की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। नाले-नालियों का कूड़ा-करकट सड़कों पर आ गया। बुधवार को सुबह नगर पालिका सफाई कर्मियों ने साफ किया।
मामूली बारिश में धड़ाम हुई बिजली आपूर्ति
मामूली आंधी और बारिश में ही बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। शहर के अधिकांश इलाके रात को अंधेरे में डूबे रहे, जबकि आंधी-पानी शुरू होने से पहले ही बिजली विभाग ने आपूर्ति बंद कर दी थी। इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों में फाल्ट आने से आपूर्ति बाधित रही।
साढ़े 12 बजे भूरागढ़ और एक बजे टेलीफोन एक्सचेंज, अलीगंज फीडर व महेश्वरी देवी फीेडर चालू हो सके। छोटी बाजार फीडर से जुड़े दर्जनभर मोहल्ले देर रात तक अंधेरे में रहे। अवर अभियंता कांता प्रसाद ने बताया कि छाबी तालाब में डिस्क इंसुलेटर पंक्चर हो जाने से आपूर्ति प्रभावित रही। हालांकि तड़के आपूर्ति बहाल हो सकी।
बारिश से तत्काल कोई लाभ नहीं
बांदा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि जून माह में मौसमी साग सब्जी को छोड़कर अन्य कोई फसल नहीं होती है। बारिश से किसानों को तत्काल कोई लाभ नहीं है। हालांकि खेतों में नमी रहने से इसका लाभ खरीफ की फसल में मिलेगा। साथ ही ढैंचा सहित अन्य खाद की बुआई करने वाले किसानों को पानी नही देना पड़ेगा।