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खुशी मिली इतनी, मन में न समाए
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में यहां सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की छात्रा कुमारी अपूर्वा वैश्य ने प्रदेश स्तर पर मेरिट में चौथा स्थान हासिल किया है। उसे 96.17 फीसदी (577/600) अंक हासिल हुए हैं।
वह आईआईटी करने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। माता-पिता बोले-खुशी मिली इतनी कि मन में नहीं समा रहा। माता-पिता दोनों की पेशे से शिक्षक हैं।
अपूर्वा के पिता जय प्रकाश गुप्ता इसी कालेज (सरस्वती बालिका विद्या मंदिर) में भौतिक विज्ञान विषय के अध्यापक हैं। मां रेखा गुप्ता बरईमानपुर (बांदा) में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेें प्रधानाध्यापक हैं।
अपूर्वा का कहना है कि उसे उम्मीद से भी ज्यादा सफलता मिली है। वह तो सिर्फ 91 फीसदी अंक हासिल होने की सोच रही थी। शनिवार को दोपहर उसे अपनी इस सफलता की पहली सूचना कालेज से ही मिली। प्रधानाचार्य अमिता सिंह ने खुशखबरी दी।
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अपूर्वा ने कहा कि उसका प्रिय अखबार अमर उजाला और प्रिय विषय गणित है। राजनेताओं के सवाल पर उसका कहना था कि उसे किसी राजनेता से न तो कोई शिकायत न ही है न ही राजनीति में दिलचस्पी। अलबत्ता नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसके पसंदीदा लीडर हैं। अपूर्वा अपने माता-पिता के साथ शहर के इंदिरा नगर में रहती है।
चार बहनों में सबसे बड़ी अपूर्वा ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों, माता, पिता व दादा को दिया। बताया कि वह रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। एक विषय को खत्म करने के बाद ही वह दूसरे विषय को छूती थी। बताया कि उसने कभी कोचिंग नहीं की। परीक्षा के दिनों में कोर्स को सिर्फ रिवाइज किया।
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पिता के एक्सीडेंट ने कर दिया था विचलित
बांदा। बोर्ड परीक्षा में अभूतपूर्व प्रदर्शन में अपूर्वा को कुछ मार्मिक, साहसिक और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। अपूर्वा बताती है कि परीक्षा के दिनों में उसके पिता बाइक पर जाते समय सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर पर कई टांके लगे। अस्पताल में भर्ती रहे। ऐसे में उनकी देखरेख और घर का माहौल कुछ बदला रहा। उसकी पढ़ाई पर भी असर पड़ा। उसे ऐसा लगा कि अब उसकी मेहनत में पानी फिर जाएगा। लेकिन कुछ ही दिन में स्थिति सामान्य हो गई। पिता की देखरेख के साथ उसने पढ़ाई की और परीक्षा भी दी। कक्षा 9वीं में उसके 98 फीसदी अंक थे।
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मुख्यमंत्री ने दी बधाई
बांदा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने बांदा की छात्रा अपूर्वा वैश्य का भी जिक्र कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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वह आईआईटी करने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। माता-पिता बोले-खुशी मिली इतनी कि मन में नहीं समा रहा। माता-पिता दोनों की पेशे से शिक्षक हैं।
अपूर्वा के पिता जय प्रकाश गुप्ता इसी कालेज (सरस्वती बालिका विद्या मंदिर) में भौतिक विज्ञान विषय के अध्यापक हैं। मां रेखा गुप्ता बरईमानपुर (बांदा) में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेें प्रधानाध्यापक हैं।
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अपूर्वा का कहना है कि उसे उम्मीद से भी ज्यादा सफलता मिली है। वह तो सिर्फ 91 फीसदी अंक हासिल होने की सोच रही थी। शनिवार को दोपहर उसे अपनी इस सफलता की पहली सूचना कालेज से ही मिली। प्रधानाचार्य अमिता सिंह ने खुशखबरी दी।
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अपूर्वा ने कहा कि उसका प्रिय अखबार अमर उजाला और प्रिय विषय गणित है। राजनेताओं के सवाल पर उसका कहना था कि उसे किसी राजनेता से न तो कोई शिकायत न ही है न ही राजनीति में दिलचस्पी। अलबत्ता नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसके पसंदीदा लीडर हैं। अपूर्वा अपने माता-पिता के साथ शहर के इंदिरा नगर में रहती है।
चार बहनों में सबसे बड़ी अपूर्वा ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों, माता, पिता व दादा को दिया। बताया कि वह रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। एक विषय को खत्म करने के बाद ही वह दूसरे विषय को छूती थी। बताया कि उसने कभी कोचिंग नहीं की। परीक्षा के दिनों में कोर्स को सिर्फ रिवाइज किया।
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पिता के एक्सीडेंट ने कर दिया था विचलित
बांदा। बोर्ड परीक्षा में अभूतपूर्व प्रदर्शन में अपूर्वा को कुछ मार्मिक, साहसिक और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा। अपूर्वा बताती है कि परीक्षा के दिनों में उसके पिता बाइक पर जाते समय सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर पर कई टांके लगे। अस्पताल में भर्ती रहे। ऐसे में उनकी देखरेख और घर का माहौल कुछ बदला रहा। उसकी पढ़ाई पर भी असर पड़ा। उसे ऐसा लगा कि अब उसकी मेहनत में पानी फिर जाएगा। लेकिन कुछ ही दिन में स्थिति सामान्य हो गई। पिता की देखरेख के साथ उसने पढ़ाई की और परीक्षा भी दी। कक्षा 9वीं में उसके 98 फीसदी अंक थे।
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मुख्यमंत्री ने दी बधाई
बांदा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने बांदा की छात्रा अपूर्वा वैश्य का भी जिक्र कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।