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हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट पर बसपा का ओबीसी कार्ड
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बांदा। हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट पर बसपा ने पैंतरा बदलते हुए अब पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दांव चला है। करीब दो माह पूर्व इस सीट पर बांदा के क्षत्रिय दिलीप सिंह की प्रभारी के पद पर ताजपोशी की थी। उन्हें ही लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा गठबंधन का प्रत्याशी तय माना जा रहा था। अब दिलीप को दरकिनार कर पिछड़ा वर्ग के संजय साहू को बसपा ने इस सीट का प्रभारी घोषित किया है।
विनर-रनर के फार्मूले को नजरंदाज कर हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट पर बसपा ने बांदा के दिलीप सिंह को लोकसभा क्षेत्र प्रभारी घोषित किया था। तीनों जिलों यह आम शोहरत हो गई थी कि इस सीट से दिलीप ही बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी होंगे।
दिलीप ने भी अपने को प्रत्याशी के रूप में पेश करते हुए प्रचार पर जमकर पैसा खर्च किया, लेकिन अंतत: वही हुआ जो बसपा अक्सर किया करती है। बुधवार को महोबा में बसपा के कोऑर्डीनेटर लालाराम ने संजय साहू को हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट का प्रभारी घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित फैसले से दिलीप समर्थक दंग रह गए हैं। हमीरपुर और महोबा समेत बांदा के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में दिलीप सिंह की होर्डिंग्स पटी पड़ी हैं। हाल ही में उन्होंने मौदहा में काफी खर्चीला मुशायरा भी आयोजित किया था।
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बसपा की इस रणनीति के पीछे माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस से क्षत्रिय (ठाकुर) बिरादरी के प्रत्याशी होंगे। ऐसे में बसपा-सपा गठबंधन से भी ठाकुर प्रत्याशी होने से सीट खटाई में पड़ सकती है। भाजपा से पूर्व विधायक युवराज सिंह (मौदहा) और कांग्रेस से पूर्व विधायक दलजीत सिंह (तिंदवारी) के चुनाव लड़ने के आसार हैं। अत: बसपा ने अब इस सीट पर ओबीसी कार्ड खेला है।
प्रमुख दलों के प्रत्याशियों में इकलौता ओबीसी प्रत्याशी होने पर अपने परंपरागत वोटों के सहारे बसपा यहां चुनाव जीतना चाहती है। उधर, यह भी कयास लगाए जा रहे है कि दिलीप सिंह को बसपा बांदा-चित्रकूट सीट से प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि इस सीट पर सपा का दावा ज्यादा मजबूत है।
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विनर-रनर के फार्मूले को नजरंदाज कर हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट पर बसपा ने बांदा के दिलीप सिंह को लोकसभा क्षेत्र प्रभारी घोषित किया था। तीनों जिलों यह आम शोहरत हो गई थी कि इस सीट से दिलीप ही बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी होंगे।
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दिलीप ने भी अपने को प्रत्याशी के रूप में पेश करते हुए प्रचार पर जमकर पैसा खर्च किया, लेकिन अंतत: वही हुआ जो बसपा अक्सर किया करती है। बुधवार को महोबा में बसपा के कोऑर्डीनेटर लालाराम ने संजय साहू को हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट का प्रभारी घोषित कर दिया। इस अप्रत्याशित फैसले से दिलीप समर्थक दंग रह गए हैं। हमीरपुर और महोबा समेत बांदा के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में दिलीप सिंह की होर्डिंग्स पटी पड़ी हैं। हाल ही में उन्होंने मौदहा में काफी खर्चीला मुशायरा भी आयोजित किया था।
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बसपा की इस रणनीति के पीछे माना जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस से क्षत्रिय (ठाकुर) बिरादरी के प्रत्याशी होंगे। ऐसे में बसपा-सपा गठबंधन से भी ठाकुर प्रत्याशी होने से सीट खटाई में पड़ सकती है। भाजपा से पूर्व विधायक युवराज सिंह (मौदहा) और कांग्रेस से पूर्व विधायक दलजीत सिंह (तिंदवारी) के चुनाव लड़ने के आसार हैं। अत: बसपा ने अब इस सीट पर ओबीसी कार्ड खेला है।
प्रमुख दलों के प्रत्याशियों में इकलौता ओबीसी प्रत्याशी होने पर अपने परंपरागत वोटों के सहारे बसपा यहां चुनाव जीतना चाहती है। उधर, यह भी कयास लगाए जा रहे है कि दिलीप सिंह को बसपा बांदा-चित्रकूट सीट से प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि इस सीट पर सपा का दावा ज्यादा मजबूत है।