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चित्रकूट व कालिंजर के शैलचित्र 30 हजार साल पुराने
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:39 PM IST
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बांदा। चित्रकूट और कालिंजर दुर्ग में मौजूद शैलचित्र 30 हजार साल पुराने हैं। युवा पीढ़ी को प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। ‘बुंदेलखंड के शैलचित्र’ सेमिनार में अपर पुलिस महानिदेशक विजय कुमार ने जानकारी दी। पुरातत्व विभाग ने कालिंजर दुर्ग पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया।
इतिहासकार राधाकृष्ण बुंदेली के जन्म दिन पर राधाकृष्ण बुंदेली मेमोरियल फाउंडेशन ने रविवार को तुलसी स्वरूप सभागार में सेमिनार की। एडीजी विजय कुमार ने शैलचित्रों पर किए गए अध्ययन साझा किए। कहा कि बुंदेलखंड की धरती में शैलचित्र विश्व के प्रागैतिहासिक इतिहास की अनमोल धरोहर हैं।
उन्होंने इन्हें खोजने में 20 साल लगा दिए। चित्रकूट और कालिंजर के पर्वतों में मिले शैलचित्र 30 हजार साल से भी पुराने हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (लखनऊ) के वरिष्ठ अधिकारी एसके तिवारी ने प्राचीन धरोहरों को सहेजने पर जोर दिया। कहा कि इसके लिए युवा पीढ़ी को ज्यादा प्रेरित करने की जरूरत है।
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सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने भी कालिंजर दुर्ग के इतिहास पर चर्चा की। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कालिंजर दुर्ग को पर्यटन में विकसित करने का भरोसा दिया। फाउंडेशन अध्यक्ष बाबूलाल गुप्त ने रामवन पथ फोरलेन मार्ग से बांदा को जोड़ने की मांग की।
इसके पूर्व कालिंजर और शैलचित्रों की प्रदर्शनी का एडीजी ने फीता काटकर उद्घाटन किया। सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ‘बुंदेलखंड विमर्श’ पत्रिका का भी विमोचन हुआ। कालिंजर दुर्ग पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म सराही गई। एसीडी स्टूडियो व श्रेया आकर्ष के बच्चों ने गणेश वंदना व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। रमेश पाल की टीम ने दिवारी नृत्य से मनमोह लिया।
साथ ही राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले रुद्राक्ष शर्मा, रोहित जैन व प्रकाश पांडेय को सम्मानित किया गया। सचिव कैप्टन सूर्य प्रकाश मिश्र, जामा मस्जिद मुतवल्ली व समाजसेवी शेख सादी जमां, ओमप्रकाश मसुरहा, जवाहरलाल जलज, केके भारती, वरिष्ठ पत्रकार बीडी गुप्ता, संयोजक मनोज जैन, प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद, अरविंद छिरौलिया, सत्यभामा बुंदेली, इमत्याज खां, रजत सेठ, सचिन अग्निहोत्री, निखिल बुंदेली, संदीप सेठ, दीनदयाल सोनी, उमाशंकर पांडेय, जेपी यादव, डा.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित, शिवप्रसाद भारतीय, शोभाराम कश्यप आदि उपस्थित रहे। संचालन सुनील कुमार सनी व सौम्या श्रीवास्तव ने किया।
-‘बुंदेलखंड के शैलचित्र’ सेमिनार में एडीजी ने दी जानकारी
-बुंदेलखंड विमर्श पत्रिका का विमोचन
-शैलचित्रों की प्रदर्शनी खूब सराही गई
अमर उजाला ब्यूरो
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इतिहासकार राधाकृष्ण बुंदेली के जन्म दिन पर राधाकृष्ण बुंदेली मेमोरियल फाउंडेशन ने रविवार को तुलसी स्वरूप सभागार में सेमिनार की। एडीजी विजय कुमार ने शैलचित्रों पर किए गए अध्ययन साझा किए। कहा कि बुंदेलखंड की धरती में शैलचित्र विश्व के प्रागैतिहासिक इतिहास की अनमोल धरोहर हैं।
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उन्होंने इन्हें खोजने में 20 साल लगा दिए। चित्रकूट और कालिंजर के पर्वतों में मिले शैलचित्र 30 हजार साल से भी पुराने हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (लखनऊ) के वरिष्ठ अधिकारी एसके तिवारी ने प्राचीन धरोहरों को सहेजने पर जोर दिया। कहा कि इसके लिए युवा पीढ़ी को ज्यादा प्रेरित करने की जरूरत है।
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सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने भी कालिंजर दुर्ग के इतिहास पर चर्चा की। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कालिंजर दुर्ग को पर्यटन में विकसित करने का भरोसा दिया। फाउंडेशन अध्यक्ष बाबूलाल गुप्त ने रामवन पथ फोरलेन मार्ग से बांदा को जोड़ने की मांग की।
इसके पूर्व कालिंजर और शैलचित्रों की प्रदर्शनी का एडीजी ने फीता काटकर उद्घाटन किया। सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ‘बुंदेलखंड विमर्श’ पत्रिका का भी विमोचन हुआ। कालिंजर दुर्ग पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म सराही गई। एसीडी स्टूडियो व श्रेया आकर्ष के बच्चों ने गणेश वंदना व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। रमेश पाल की टीम ने दिवारी नृत्य से मनमोह लिया।
साथ ही राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले रुद्राक्ष शर्मा, रोहित जैन व प्रकाश पांडेय को सम्मानित किया गया। सचिव कैप्टन सूर्य प्रकाश मिश्र, जामा मस्जिद मुतवल्ली व समाजसेवी शेख सादी जमां, ओमप्रकाश मसुरहा, जवाहरलाल जलज, केके भारती, वरिष्ठ पत्रकार बीडी गुप्ता, संयोजक मनोज जैन, प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद, अरविंद छिरौलिया, सत्यभामा बुंदेली, इमत्याज खां, रजत सेठ, सचिन अग्निहोत्री, निखिल बुंदेली, संदीप सेठ, दीनदयाल सोनी, उमाशंकर पांडेय, जेपी यादव, डा.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित, शिवप्रसाद भारतीय, शोभाराम कश्यप आदि उपस्थित रहे। संचालन सुनील कुमार सनी व सौम्या श्रीवास्तव ने किया।
-‘बुंदेलखंड के शैलचित्र’ सेमिनार में एडीजी ने दी जानकारी
-बुंदेलखंड विमर्श पत्रिका का विमोचन
-शैलचित्रों की प्रदर्शनी खूब सराही गई
अमर उजाला ब्यूरो