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किसान के परिजनों को तीन माह से नहीं मिला राशन
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:39 PM IST
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बांदा। बेटी की शादी के छह दिन पूर्व किसान पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। गांव वालों ने बेटी की शादी नहीं टलने दी और आपसी सहयोग से उसके हाथ पीले कराए। लेकिन मात्र दो बीघा के किसान के परिवार का आर्थिक तंगी अभी भी पीछा नहीं छोड़ रही। हमदर्दी भी नदारद है। किसान की मौत के बाद पिछले तीन महीनों से कोटे से राशन नहीं मिला है।
बबेरू तहसील क्षेत्र के बेर्रांव गांव में दलित किसान बंशी ने 13 जून को गांव के पास नदी किनारे पेड़ पर फंदा बांधकर फांसी लगा ली थी। छह दिन बाद उसकी बेटी की बारात थी। इसे लेकर उसे काफी तनाव था। पिता की मौत के बाद शादी का जिम्मा गांव वालों और कुछ समाजसेवियों ने संभाला। निर्धारित तिथि पर शादी करवा दी।
हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में मृतक किसान को शराबी बताया था। शनिवार को वीडियो वालेंटियर और समाजसेवी आशीष सागर तथा ऊषा निषाद ने गांव जाकर मृतक किसान के घर का जायजा लिया। आशीष ने बताया कि विधवा सैना देवी बोलीं कि तीन माह से राशनकार्ड पर अनाज आदि नहीं मिला। जबकि आन लाइन फीडिंग तभी करा ली थी।
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ग्राम प्रधान ने कोई मदद नहीं की। घर में फांकाकशी के हालात हैं। इस मामले में बबेरू एसडीएम सीएल सोनकर ने बताया कि राशनकार्डों का सत्यापन कार्य चल रहा है। इसीलिए राशन नहीं मिल सका होगा। लेकिन अब उनकी जानकारी में आया है तो तत्काल पूर्ति निरीक्षक को मृतक किसान के घर भेजकर जांच कराएंगे। राशन की व्यवस्था कराई जाएगी। भुखमरी से कोई नहीं जूझेगा।
-बेटी की शादी के छह दिन पूर्व कर ली थी किसान ने आत्महत्या
-परिजन तंगहाली और फांकाकशी की गिरफ्त में
-एसडीएम बोले- जांच कराकर कराएंगे मदद
अमर उजाला ब्यूरो
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बबेरू तहसील क्षेत्र के बेर्रांव गांव में दलित किसान बंशी ने 13 जून को गांव के पास नदी किनारे पेड़ पर फंदा बांधकर फांसी लगा ली थी। छह दिन बाद उसकी बेटी की बारात थी। इसे लेकर उसे काफी तनाव था। पिता की मौत के बाद शादी का जिम्मा गांव वालों और कुछ समाजसेवियों ने संभाला। निर्धारित तिथि पर शादी करवा दी।
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हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में मृतक किसान को शराबी बताया था। शनिवार को वीडियो वालेंटियर और समाजसेवी आशीष सागर तथा ऊषा निषाद ने गांव जाकर मृतक किसान के घर का जायजा लिया। आशीष ने बताया कि विधवा सैना देवी बोलीं कि तीन माह से राशनकार्ड पर अनाज आदि नहीं मिला। जबकि आन लाइन फीडिंग तभी करा ली थी।
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ग्राम प्रधान ने कोई मदद नहीं की। घर में फांकाकशी के हालात हैं। इस मामले में बबेरू एसडीएम सीएल सोनकर ने बताया कि राशनकार्डों का सत्यापन कार्य चल रहा है। इसीलिए राशन नहीं मिल सका होगा। लेकिन अब उनकी जानकारी में आया है तो तत्काल पूर्ति निरीक्षक को मृतक किसान के घर भेजकर जांच कराएंगे। राशन की व्यवस्था कराई जाएगी। भुखमरी से कोई नहीं जूझेगा।
-बेटी की शादी के छह दिन पूर्व कर ली थी किसान ने आत्महत्या
-परिजन तंगहाली और फांकाकशी की गिरफ्त में
-एसडीएम बोले- जांच कराकर कराएंगे मदद
अमर उजाला ब्यूरो