{"_id":"593992014f1c1b38028b45c6","slug":"11496945153-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्घटनाग्रस्त होने से बची चित्रकूट एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्घटनाग्रस्त होने से बची चित्रकूट एक्सप्रेस
Updated Thu, 08 Jun 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। इंजन से नीलगाय के टकरा जाने पर एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। इंजन में तकनीकी खराबी आने की वजह से ट्रेन लगभग एक घंटा देरी से आई। इस दौरान बांदा से कानपुर रेल मार्ग बाधित रहा।
बुधवार को रात खैराडा रेलवे स्टेशन के नजदीक चित्रकूट-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन से भारी-भरकम नील गाय टकरा गई। चालक ने सूझबूझ की परिचय देकर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन के अचानक रुक जाने से यात्री सहम गए। चालक ने घटना की सूचना वाकीटाकी के जरिए गार्ड को दी।
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही स्थानीय रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। चालकों और गार्ड ने इंजन में फंसे मवेशी को निकालने की कोशिश की। लेकिन वह सफल नहीं हुए। कुछ देर बाद अभियंताओं की टीम घटनास्थल पहुंच गई और इंजन में फंसे मवेशी के शव को बाहर निकाला।
विज्ञापन
इस दौरान बांदा से कानपुर रेल मार्ग लगभग एक घंटा तक बाधित रहा। चालक इंजन को स्टार्ट करने में नाकाम रहा। लगभग एक घंटा बाद मालगाड़ी के इंजन की मदद से ट्रेन यहां एक घंटा 20 मिनट की देरी से रात लगभग 12:30 बजे आई।
उधर, स्टेशन प्रबंधक बीपी वर्मा का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। कहा कि ट्रेन जरूर कुछ देरी से आई थी। अब जानकारी मिली है तो पता कराएंगे।
-ट्रेन के इंजन से नील गाय टकराई
-बांदा-कानपुर रेल मार्ग रहा बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बुधवार को रात खैराडा रेलवे स्टेशन के नजदीक चित्रकूट-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन से भारी-भरकम नील गाय टकरा गई। चालक ने सूझबूझ की परिचय देकर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। ट्रेन के अचानक रुक जाने से यात्री सहम गए। चालक ने घटना की सूचना वाकीटाकी के जरिए गार्ड को दी।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही स्थानीय रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। चालकों और गार्ड ने इंजन में फंसे मवेशी को निकालने की कोशिश की। लेकिन वह सफल नहीं हुए। कुछ देर बाद अभियंताओं की टीम घटनास्थल पहुंच गई और इंजन में फंसे मवेशी के शव को बाहर निकाला।
विज्ञापन
इस दौरान बांदा से कानपुर रेल मार्ग लगभग एक घंटा तक बाधित रहा। चालक इंजन को स्टार्ट करने में नाकाम रहा। लगभग एक घंटा बाद मालगाड़ी के इंजन की मदद से ट्रेन यहां एक घंटा 20 मिनट की देरी से रात लगभग 12:30 बजे आई।
उधर, स्टेशन प्रबंधक बीपी वर्मा का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। कहा कि ट्रेन जरूर कुछ देरी से आई थी। अब जानकारी मिली है तो पता कराएंगे।
-ट्रेन के इंजन से नील गाय टकराई
-बांदा-कानपुर रेल मार्ग रहा बाधित
अमर उजाला ब्यूरो