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सरकारी बजट के संरक्षण वाली गोशालाओं में 11 गायों की मौत

Thu, 17 Oct 2019 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2019 11:06 PM IST
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11 cows killed in government-run Gaushalas
गोवंश आश्रय केंद्र में बंद गायें। - फोटो : BANDA
बांदा। अन्ना मवेशी सिर्फ सड़कों पर ही नहीं जान गंवा रहे। करोड़ों रुपये के सरकारी खर्च से चल रहे अस्थायी गोवंश स्थलों में भी तड़प-तड़प कर इनकी मौत हो रही है। पशुपालन विभाग के ताजा आंकड़े इसके गवाह हैं। सरकारी बजट से चल रहे चित्रकूटधाम मंडल के स्थायी और अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में साढ़े तीन माह में 11 मवेशियों की मौत हुई है। इस अवधि में पशु आश्रय स्थलों पर 7.11 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च बताए गए हैं।
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चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 892 अस्थायी गोवंश आश्रय, कान्हा गोशाला, कांजी हाउस और पशु आश्रय गृह संचालित बताए गए हैं। वर्तमान समय में इनमें 92,744 पशु दर्शाए गए हैं। इन पर जुलाई से अब तक 7 करोड़ 11 लाख 55 हजार 597 रुपये खर्च बताया गया है। साथ ही 11 अन्ना मवेशियों की मौत भी इन्हीं स्थलों पर हुई है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बांदा जिलों में 3 और महोबा में 8 अन्ना मवेशी मरे हैं।
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जुलाई से अब तक हुआ खर्च
जिला आश्रय केंद्र संरक्षित पशु खर्च राशि
बांदा 144 19052 54,42,547
चित्रकूट 271 27495 1,17,13,050
महोबा 159 24685 3,90,00,000
हमीरपुर 318 21512 1,50,00,000
योग 892 92744 7,11,55,597
बांदा और महोबा में मरे अन्ना पशु
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल पशु पालन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक गोवंश आश्रय स्थलों में अन्ना गायों की मौतों के प्रकरण सिर्फ बांदा और महोबा में ही हुए हैं। बांदा में ग्रामीण क्षेत्रों में कोई अन्ना पशु न मरने का दावा किया गया है, जबकि शहरी क्षेत्र में तीन मौतें बताई गई हैं। अलबत्ता महोबा में ग्रामीण और शहरी दोनों में ही 4-4 अन्ना पशु मरे हैं।
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मंडल में सिर्फ 4928 गायें ली सुपुर्दगी में
बांदा। अन्ना मवेशियों को पालने पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति मवेशी 900 रुपये मासिक देने के बावजूद चित्रकूटधाम मंडल में किसान व ग्रामीण गोवंशों को अपनी सुपुर्दगी में लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। चारों जिलों में अब तक मात्र 2191 किसानों ने सिर्फ 4928 गोवंशों को सुपुर्दगी में लिया है। इसमें बांदा में 118 ग्रामीणों ने 276 पशु, चित्रकूट में 85 ग्रामीणों ने 155 गोवंश और हमीरपुर में 1958 ग्रामीणों ने 4497 मवेशियों को संरक्षण में लिया है।

मरने वाली गायें बूढ़ी थीं
बांदा। अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में हुई अन्ना गायों की मौत पर चित्रकूटधाम मंडल के पशुपालन विभाग में अपर निदेशक-द्वितीय मनोज अवस्थी का कहना है कि मरने वाली गायें बूढ़ी थीं। यह सामान्य प्राकृतिक मौत है। अपर निदेशक कहना है कि अन्ना पशुओं का नियमित रूप से टीकाकरण और बीमार होने पर इलाज कराया जाता है।
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