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गोशाला में 10 मवेशी बीमार, भूसे का स्टाक कम
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करतल। चुनाव और मतदान ग्राफ बढ़ाने की व्यस्तता अन्ना मवेशियों को भारी पड़ रही है। गोशालाओं में उनकी सुध नहीं ली जा रही। मवेशी बड़ी संख्या में बीमार हो रहे हैं। उनके मरने की भी आशंका है। एसडीएम के निरीक्षण में यह स्थिति सामने आई।
लगभग सभी विभाग के अधिकारी चुनाव ड्यूटियों में व्यस्त हैं। ऐसे में गोशालाओं की सुध नहीं ली जा रही। मवेशियों की दुर्दशा की बानगी बुधवार को नरैनी क्षेत्र के रगौली भटपुरा गांव में स्थित गोशाला में एसडीएम राघवेंद्र सिंह के निरीक्षण में उजागर हुई। एसडीएम ने देखा कि गोशाला की 10 मवेशी बीमार हैं। कई गंभीर अवस्था में धरती पर पड़ी मिलीं।
एसडीएम ने उसी समय मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से फोन पर बात की और बीमार मवेशियों का तत्काल इलाज कराने की व्यवस्था के निर्देश दिए। गोशाला में 519 मवेशी संरक्षित बताए गए हैं। एसडीएम को निरीक्षण में मवेशियों की संख्या के मुताबिक पर्याप्त भूसा का भंडार नहीं मिला। गोशाला के दोनों गोदामों में मात्र 20 क्विंटल के आसपास भूसा और एक ट्राली पयार का स्टाक मिला।
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एसडीएम ने इसे नाकाफी बताया। गोशाला संचालकों को निर्देश दिया कि शीघ्र और भूसा मंगाएं। एसडीएम ने निर्देश दिया कि मवेशियों को भरपेट चारा-भूसा दिया जाए। समय-समय पर उनका चेकअप हो और बीमार मवेशियों का तत्काल इलाज कराएं। निर्देश दिया कि इसका उल्लंघन होने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने गायों की बीमारी और भूसे की कम उपलब्धता का जिक्र गोशाला के निरीक्षण रजिस्टर में भी दर्ज किया।
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लगभग सभी विभाग के अधिकारी चुनाव ड्यूटियों में व्यस्त हैं। ऐसे में गोशालाओं की सुध नहीं ली जा रही। मवेशियों की दुर्दशा की बानगी बुधवार को नरैनी क्षेत्र के रगौली भटपुरा गांव में स्थित गोशाला में एसडीएम राघवेंद्र सिंह के निरीक्षण में उजागर हुई। एसडीएम ने देखा कि गोशाला की 10 मवेशी बीमार हैं। कई गंभीर अवस्था में धरती पर पड़ी मिलीं।
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एसडीएम ने उसी समय मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से फोन पर बात की और बीमार मवेशियों का तत्काल इलाज कराने की व्यवस्था के निर्देश दिए। गोशाला में 519 मवेशी संरक्षित बताए गए हैं। एसडीएम को निरीक्षण में मवेशियों की संख्या के मुताबिक पर्याप्त भूसा का भंडार नहीं मिला। गोशाला के दोनों गोदामों में मात्र 20 क्विंटल के आसपास भूसा और एक ट्राली पयार का स्टाक मिला।
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एसडीएम ने इसे नाकाफी बताया। गोशाला संचालकों को निर्देश दिया कि शीघ्र और भूसा मंगाएं। एसडीएम ने निर्देश दिया कि मवेशियों को भरपेट चारा-भूसा दिया जाए। समय-समय पर उनका चेकअप हो और बीमार मवेशियों का तत्काल इलाज कराएं। निर्देश दिया कि इसका उल्लंघन होने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने गायों की बीमारी और भूसे की कम उपलब्धता का जिक्र गोशाला के निरीक्षण रजिस्टर में भी दर्ज किया।