फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   10-10 years in prison for robbing

डॉक्टर के घर लूट में तीन को 10-10 साल कैद

Thu, 28 May 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 28 May 2015 11:55 PM IST
विज्ञापन
10-10 years in prison for robbing

16 साल पूर्व जिला अस्पताल परिसर में हृदय रोग

विज्ञापन
विशेषज्ञ डॉ. जीके अग्रवाल के सरकारी आवास में दिनदहाड़े हुई लूट के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को सजा सुनाई। इन्हें 10-10 वर्ष की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। तीनोें मुजरिमों को जेल भेज दिया गया।

जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ पद पर तैनात डॉ. जीके अग्रवाल अपनी पत्नी वंदना अग्रवाल के साथ अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवास में रहते थे। 24 फरवरी 1999 को सुबह डॉ. अग्रवाल ड्यूटी पर चले गए। घर में पत्नी वंदना और नौकरानी थी।

दोपहर करीब 12 बजे डॉ. अग्रवाल ड्यूटी से लौटे तो दरवाजे बंद मिले। अंदर रोने, चीखने और कुछ लोगों की आवाज आ रही थी। इसी बीच तीन लोगों ने दरवाजा खोला और डॉ. अग्रवाल को भी दबोच कर ड्राइंग रूम में घसीट ले गए। वहां उनकी पत्नी खून में लथपथ पड़ी थी।

नौकरानी पार्वती घायलावस्था मेें सहमी खड़ी थी। दो वर्षीय पुत्र समीर रसोई के पास रो रहा था। तीनों लुटेरों ने डॉ. अग्रवाल की घड़ी, जेब में पड़े 3,000 रुपये छीन लिए। इसी बीच पत्नी वंदना ने हिम्मत दिखाते हुए पहली मंजिल पर स्थित मकान से नीचे छलांग लगा दी और सड़क से गुजर रही पुलिस जीप को जानकारी दी।

पुलिस आई तो लुटेरे भाग निकले। लुटेरे 30,000 रुपये और सोने-चांदी के जेवर लूट ले गए। घटना के विरोध में जिला अस्पताल में नौ दिनोें तक हड़ताल रही।

काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने अलिहा (बांदा) गांव के पास महिपत सिंह उर्फ बबलू और नायब सिंह उर्फ बबुआ को गिरफ्तार कर लूटी गई घड़ी और तीन हजार रुपये बरामद किए। तफ्तीश में उजागर एक अन्य आरोपी राजेश कुमार वाजपेयी (सैमरी) को भी अभियुक्त बनाया गया।

पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा ने आठ गवाह पेश किए।

बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बृजलाल चौरसिया ने अभियुक्त महिपत सिंह उर्फ बबलू पुत्र मूलचंद्र निवासी ग्राम बड़ेहा, थाना देहात कोतवाली (बांदा), नायब सिंह उर्फ बबुआ पुत्र रामसिंह और राजेश कुमार वाजपेई पुत्र देवीप्रसाद (दोनों निवासी ग्राम सैमरी, थाना तिंदवारी) को धारा 394 आईपीसी में 10-10 वर्ष की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।

इसके अलावा महिपत सिंह व नायब सिंह को धारा 412 आईपीसी में 10-10 वर्ष की कैद और 5-5 हजार रुपये की सजा दी। जुर्माना अदा न करने पर क्रमश: तीन माह और एक माह की अतिरिक्त कैद और भुगतनी होगी। बरामद घड़ी और 3,000 रुपये पीड़ित जीके अग्रवाल को वापस देने के आदेश अदालत ने दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed