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Balrampur News: चार बीघे में 10.560 क्विंटल घट गया गेहूं का उत्पादन
Tue, 16 Apr 2024 02:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 16 Apr 2024 02:20 AM IST
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बलरामपुर। गेहूं उत्पादन में पिछले साल की तुलना में इस बार कमी आई है। इसका खुलासा क्राप कटिंग से हुआ है। डीएम अरविंद सिंह ने सोमवार को क्राॅप कटिंग करके गेहूं का उत्पादन परखा। बताया कि इस साल एक हेक्टेयर करीब (चार बीघा) में लगभग 10.560 क्विंटल गेहूं का उत्पादन घट गया है। इससे जनपद के हजारों किसानों को लाखों क्विंटल गेहूं का नुकसान हुआ है।
गेहूं उत्पादन की स्थिति जानने तथा अपनी मौजूदगी में क्राॅप कटिंग कराने के लिए जिलाधिकारी सोमवार को सदर तहसील के महादेव मिश्र गांव में किसान इसराइल के खेत में पहुंच गए। डीएम ने खेत में उतरकर हसिया पकड़ ली। डीएम ने गेहूं की फसल काटकर वजन काटे पर तौल कराया, जिसमें गेहूं के कम उत्पादन मिला। क्राॅप कटिंग के बाद डीएम ने वहां मौजूद किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने बताया कि इस बार एक हेक्टेयर में 31.813 क्विंटल गेहूं का उत्पादन मिला। जबकि पिछले वर्ष एक हेक्टेयर में 42.32 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ था। ऐसे में इस साल एक हेक्टेयर करीब (चार बीघा) में लगभग 10.560 क्विंटल गेहूं का उत्पादन घट गया है। डीएम ने किसानों से कहा कि क्राॅप कटिंग के कृषि उत्पादन से जुड़े आंकड़े शासन को भेजे जाएंगे। इसी के आधार पर फसल बीमा धारकों को नुकसान का मुआवजा भी दिया जाता है।
- जिले में उत्पादन कम होने के पीछे प्राकृतिक आपदा को माना गया है। समय से बारिश न होने के साथ ही आंधी, तूफान के साथ ही बेमौसम बारिश भी इसका कारण है। डीएम ने बताया कि किसानों का सर्वे कराया जाएगा, उत्पादन कम हाेने की स्थिति में फसल बीमा से जुड़े किसानों को लाभ दिलाया जाएगा। ऐसा न करने पर डीएम ने बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार ने बताया कि क्राॅप कटिंग की रिपोर्ट का आकलन कर कार्रवाई की जाएगी।
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गेहूं उत्पादन की स्थिति जानने तथा अपनी मौजूदगी में क्राॅप कटिंग कराने के लिए जिलाधिकारी सोमवार को सदर तहसील के महादेव मिश्र गांव में किसान इसराइल के खेत में पहुंच गए। डीएम ने खेत में उतरकर हसिया पकड़ ली। डीएम ने गेहूं की फसल काटकर वजन काटे पर तौल कराया, जिसमें गेहूं के कम उत्पादन मिला। क्राॅप कटिंग के बाद डीएम ने वहां मौजूद किसानों को खेती में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने बताया कि इस बार एक हेक्टेयर में 31.813 क्विंटल गेहूं का उत्पादन मिला। जबकि पिछले वर्ष एक हेक्टेयर में 42.32 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ था। ऐसे में इस साल एक हेक्टेयर करीब (चार बीघा) में लगभग 10.560 क्विंटल गेहूं का उत्पादन घट गया है। डीएम ने किसानों से कहा कि क्राॅप कटिंग के कृषि उत्पादन से जुड़े आंकड़े शासन को भेजे जाएंगे। इसी के आधार पर फसल बीमा धारकों को नुकसान का मुआवजा भी दिया जाता है।
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- जिले में उत्पादन कम होने के पीछे प्राकृतिक आपदा को माना गया है। समय से बारिश न होने के साथ ही आंधी, तूफान के साथ ही बेमौसम बारिश भी इसका कारण है। डीएम ने बताया कि किसानों का सर्वे कराया जाएगा, उत्पादन कम हाेने की स्थिति में फसल बीमा से जुड़े किसानों को लाभ दिलाया जाएगा। ऐसा न करने पर डीएम ने बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार ने बताया कि क्राॅप कटिंग की रिपोर्ट का आकलन कर कार्रवाई की जाएगी।

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