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15 दिन में गेहूं खरीदने की चुनौती
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बलरामपुर। जिले में एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद का लक्ष्य ढाई माह में महज 10 फीसदी ही पूरा हो सका है। ऐसे में शासन ने गेहूं खरीद की समयसीमा बढ़ाकर 30 जून कर दी है। मगर 15 दिन में शेष करीब 90 फीसदी गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना कड़ी चुनौती है। मोबाइल क्रय केंद्र से भी गेहूं खरीद परवान नहीं चढ़ रही है। सरकारी रेट से अधिक कीमत पर आढ़तियों ने गेहूं खरीदकर प्रशासन की मंशा पर पानी फेर दिया है। किसानों के पास अब गेहूं बेचने के लिए बचा ही नहीं, ऐसे में निर्धारित लक्ष्य पूरा करना टेढ़ी खीर साबित होगा।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में मूल्य समर्थन योजना के तहत 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की शुरुआत एक अप्रैल से की गई थी। तीन क्रय एजेंसियों को 15 जून तक 55 क्रय केंद्रों पर 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई। तीनों एजेंसियों ने 16 जून तक जिले के 867 किसानों से सात करोड़ 97 लाख 21 हजार रुपये का गेहूं खरीदा। 797 किसानों को सात करोड़ पांच लाख 21 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे 70 किसानों को 92 लाख रुपये का भुगतान करना है। तीनों क्रय एजेंसियां 16 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष महज 3956.38 मीट्रिक टन गेहूं खरीद सकीं हैं। ये निर्धारित लक्ष्य का महज 10.36 फीसदी ही है।
किसान छोटेलाल, विजय कुमार, रामतेज, मनीष, हिमांशु, कृष्ण मोहन, रामधनी आदि ने बताया कि गेहूं का सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि आढ़तियों ने 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद लिया। ऐसे में किसानों ने आढ़तियों को ही गेहूं बेचना मुफीद समझा। किसानों के पास बेचने के लिए अब गेहूं बचा ही नहीं है। ऐसे में खरीद की समय सीमा बढ़ाने से अब कोई फर्क नहीं पड़ेगा। (संवाद)
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शासन ने गेहूं खरीद की समयसीमा बढ़ा दी है। 30 जून तक किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। तीनों क्रय एजेंसियों को इस समयसीमा के भीतर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया है। प्रचार-प्रसार कराकर किसानों से गेहूं खरीद करके लक्ष्य पूरा किया जाएगा। नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ
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रबी क्रय वर्ष 2022-23 में मूल्य समर्थन योजना के तहत 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की शुरुआत एक अप्रैल से की गई थी। तीन क्रय एजेंसियों को 15 जून तक 55 क्रय केंद्रों पर 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई। तीनों एजेंसियों ने 16 जून तक जिले के 867 किसानों से सात करोड़ 97 लाख 21 हजार रुपये का गेहूं खरीदा। 797 किसानों को सात करोड़ पांच लाख 21 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया है। बाकी बचे 70 किसानों को 92 लाख रुपये का भुगतान करना है। तीनों क्रय एजेंसियां 16 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष महज 3956.38 मीट्रिक टन गेहूं खरीद सकीं हैं। ये निर्धारित लक्ष्य का महज 10.36 फीसदी ही है।
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किसान छोटेलाल, विजय कुमार, रामतेज, मनीष, हिमांशु, कृष्ण मोहन, रामधनी आदि ने बताया कि गेहूं का सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि आढ़तियों ने 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद लिया। ऐसे में किसानों ने आढ़तियों को ही गेहूं बेचना मुफीद समझा। किसानों के पास बेचने के लिए अब गेहूं बचा ही नहीं है। ऐसे में खरीद की समय सीमा बढ़ाने से अब कोई फर्क नहीं पड़ेगा। (संवाद)
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शासन ने गेहूं खरीद की समयसीमा बढ़ा दी है। 30 जून तक किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। तीनों क्रय एजेंसियों को इस समयसीमा के भीतर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया है। प्रचार-प्रसार कराकर किसानों से गेहूं खरीद करके लक्ष्य पूरा किया जाएगा। नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ