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योग से तनाव दूर करने के बताए तरीके
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बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय सभागार में योग वेलनेस सेंटर की तरफ से मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सकारात्मक सोच व तनाव प्रबंधन विषय पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से योग के जरिए तनाव दूर करने का तरीका सीखा।
महाविद्यालय के मुख्य नियंता डॉ. पीके सिंह, प्रोफेसर तब्बसुम फरकी व सांस्कृतिक निदेशक डॉ. अनामिका सिंह ने दीप जलाकर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता योगाचार्य मधु मिश्रा ने कहा कि योग शब्द अपने आप में ही पूर्ण विज्ञान के समान है। योग शरीर, मन, आत्मा और ब्रह्मांड को एकजुट करने में सहायक होता है। नियमित रूप से योग व प्राणायाम करना तथा किसी विषय पर सकारात्मक सोच रखना तनाव दूूर करने का अच्छा माध्यम है।
योग वेलनेस सेंटर के संयोजक डॉ. अवनींद्र दीक्षित ने भी शरीर व मन को स्वस्थ रखने में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न योग क्रियाओं की जानकारी दी। डॉ. स्वदेश भट्ट ने छात्र-छात्राओं को योग की कुछ प्रमुख मुद्राओं का व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान किया। कार्यशाला में डॉ. ऋषि रंजन पांडेय, डॉ. कृतिका तिवारी, डॉ. अनुज सिंह, लेफ्टिनेंट डॉ. देवेंद्र कुमार चौहान, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. शकुंतला सिंह, डॉ. सुनील शुक्ल, मनीष मिश्र आदि मौजूद रहे।
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महाविद्यालय के मुख्य नियंता डॉ. पीके सिंह, प्रोफेसर तब्बसुम फरकी व सांस्कृतिक निदेशक डॉ. अनामिका सिंह ने दीप जलाकर कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता योगाचार्य मधु मिश्रा ने कहा कि योग शब्द अपने आप में ही पूर्ण विज्ञान के समान है। योग शरीर, मन, आत्मा और ब्रह्मांड को एकजुट करने में सहायक होता है। नियमित रूप से योग व प्राणायाम करना तथा किसी विषय पर सकारात्मक सोच रखना तनाव दूूर करने का अच्छा माध्यम है।
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योग वेलनेस सेंटर के संयोजक डॉ. अवनींद्र दीक्षित ने भी शरीर व मन को स्वस्थ रखने में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न योग क्रियाओं की जानकारी दी। डॉ. स्वदेश भट्ट ने छात्र-छात्राओं को योग की कुछ प्रमुख मुद्राओं का व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान किया। कार्यशाला में डॉ. ऋषि रंजन पांडेय, डॉ. कृतिका तिवारी, डॉ. अनुज सिंह, लेफ्टिनेंट डॉ. देवेंद्र कुमार चौहान, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. शकुंतला सिंह, डॉ. सुनील शुक्ल, मनीष मिश्र आदि मौजूद रहे।
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