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Balrampur News: निर्माणाधीन पुल पर लापरवाही मामले में दो जेई निलंबित
Fri, 12 Jun 2026 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 12 Jun 2026 11:09 PM IST
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बलरामपुर। बेलहा-इटवा मार्ग (एनएच-159) पर निर्माणाधीन पुल के पास सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में लोक निर्माण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रहे एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद जांच कराई गई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर दो अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है।
इस घटना को अमर उजाला ने 11 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि निर्माणाधीन पुलिया स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अवर अभियंता रामशंकर यादव और चंद्रशेखर यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी जारी रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, निर्माण कार्य कर रही आलोक कंस्ट्रक्शन भी एक बार फिर विवादों में आ गई है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर कंपनी के प्रोपराइटर राकेश पांडेय के कार्यों की जांच हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया है और सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में ठेकेदार की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। विभाग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और अब आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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युवक हुआ था गंभीर घायल
सिद्धार्थनगर के मझौवा गांव निवासी 27 वर्षीय शुभांकर सिंह पुलिस भर्ती परीक्षा देने गोंडा जा रहे थे। मंगलवार देर रात बेहला-गौरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और विभाग पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया था।जांच में यह तथ्य सामने आया कि निर्माणाधीन पुल के पास पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और रात में प्रकाश व्यवस्था नहीं थी।
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इस घटना को अमर उजाला ने 11 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि निर्माणाधीन पुलिया स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अवर अभियंता रामशंकर यादव और चंद्रशेखर यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी जारी रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, निर्माण कार्य कर रही आलोक कंस्ट्रक्शन भी एक बार फिर विवादों में आ गई है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर कंपनी के प्रोपराइटर राकेश पांडेय के कार्यों की जांच हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया है और सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में ठेकेदार की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। विभाग ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और अब आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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युवक हुआ था गंभीर घायल
सिद्धार्थनगर के मझौवा गांव निवासी 27 वर्षीय शुभांकर सिंह पुलिस भर्ती परीक्षा देने गोंडा जा रहे थे। मंगलवार देर रात बेहला-गौरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुल के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और विभाग पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया था।जांच में यह तथ्य सामने आया कि निर्माणाधीन पुल के पास पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और रात में प्रकाश व्यवस्था नहीं थी।