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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 मास्टर ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण
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बलरामपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तीन से पांच साल तक दिव्यांग बच्चों को ब्योरा जुटाएंगी। प्रशिक्षण के लिए जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में तैयारियां की जा रही हैं। जिला पुस्तकालय सभागार में गुरुवार को मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण देने का तरीका सिखाया गया है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के जीवन स्तर को सुधारने पर शासन स्तर से विशेष फोकस किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित समेकित शिक्षा की तरफ से अभी तक यू-डायस पोर्टल पर छह से 14 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों का ही डेटा उपलब्ध है। अब तीन से पांच साल तक के दिव्यांग बच्चों का भी यू-डायस पोर्टल पर ब्योरा अपलोड होगा जिसके लिए बीईओ व सीडीपीओ की निगरानी में जिला व ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कराने की तैयारी की जा रही है।
डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन से पांच साल तक दिव्यांग बच्चों का ब्योरा जुटाने के संबंध में प्रशिक्षण दिलाने के लिए हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। सभी 10 परियोजनाओं में तैनात सीडीपीओ को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक आभा त्रिपाठी ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ता तीन से पांच साल तक के दिव्यांग बच्चों का ब्योरा जुटाकर यू-डायस पोर्टल पर अपलोड कराने में मदद करेंगी।
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यू-डायस पोर्टल पर अपलोड होने वाले दिव्यांग बच्चों को चिकित्सकीय परीक्षण, प्रारंभिक शिक्षा व अन्य सपोर्ट देने की तैयारी की जा रही है। जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों के साथ संचालित केंद्रों के 50-50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। एक नगर व नौ ब्लॉकों की प्रशिक्षण कार्यशालाएं बीईओ व सीडीपीओ की निगरानी में कराई जाएंगी। कार्यशाला में जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के एआरपी व स्पेशल एजुकेटर्स को प्रशिक्षण कराने के बारे में जानकारी दी गई।
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बीएसए डॉ. रामचंद्र ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के जीवन स्तर को सुधारने पर शासन स्तर से विशेष फोकस किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित समेकित शिक्षा की तरफ से अभी तक यू-डायस पोर्टल पर छह से 14 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों का ही डेटा उपलब्ध है। अब तीन से पांच साल तक के दिव्यांग बच्चों का भी यू-डायस पोर्टल पर ब्योरा अपलोड होगा जिसके लिए बीईओ व सीडीपीओ की निगरानी में जिला व ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कराने की तैयारी की जा रही है।
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डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन से पांच साल तक दिव्यांग बच्चों का ब्योरा जुटाने के संबंध में प्रशिक्षण दिलाने के लिए हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। सभी 10 परियोजनाओं में तैनात सीडीपीओ को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। समेकित शिक्षा की जिला समन्वयक आभा त्रिपाठी ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ता तीन से पांच साल तक के दिव्यांग बच्चों का ब्योरा जुटाकर यू-डायस पोर्टल पर अपलोड कराने में मदद करेंगी।
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यू-डायस पोर्टल पर अपलोड होने वाले दिव्यांग बच्चों को चिकित्सकीय परीक्षण, प्रारंभिक शिक्षा व अन्य सपोर्ट देने की तैयारी की जा रही है। जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों के साथ संचालित केंद्रों के 50-50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। एक नगर व नौ ब्लॉकों की प्रशिक्षण कार्यशालाएं बीईओ व सीडीपीओ की निगरानी में कराई जाएंगी। कार्यशाला में जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के एआरपी व स्पेशल एजुकेटर्स को प्रशिक्षण कराने के बारे में जानकारी दी गई।