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Balrampur News: मगरमच्छ देखने घंटों इंतजार कर रहे पर्यटक, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
Sun, 13 Sep 2026 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:02 PM IST
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फोटो-16-बलरामपुर के भगवानपुर जलाशय पर पर जुटी लोगों की भीड़ ।-संवाद
जरवा। भगवानपुर जलाशय में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर के बाद जहां आसपास के ग्रामीण और किसान दहशत में हैं, वहीं दूर-दराज से पर्यटकों का पहुंचना भी लगातार बढ़ रहा है। रविवार को कई लोग मगरमच्छ की एक झलक पाने के लिए घंटों जलाशय के किनारे डटे रहे।
रविवार को भोजपुर से बांध घूमने आए रामपाल यादव ने बताया कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद वह अपने साथियों शरीफ, सलमान और आफताब के साथ मगरमच्छ देखने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे शाम तक मगरमच्छ के दिखाई देने का इंतजार करेंगे।
उतरौला से आए रोशन, सत्यम, रमेश और शमशेर ने बताया कि समाचार पत्र में खबर पढ़ने के बाद वे भगवानपुर जलाशय पहुंचे हैं। रविवार होने के कारण सुबह उन्होंने ईको पर्यटन स्थल, दारा नाला, एसएसबी कैंप और कोइलाबास क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद अब मगरमच्छ देखने के लिए जलाशय के पास इंतजार कर रहे हैं।
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रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि मगरमच्छ की गतिविधियों पर दूरबीन से लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों को जलाशय के किनारे न जाने और पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। सहायक अभियंता बृजेश यादव ने बताया कि सोमवार को जलाशय के पास चेतावनी बोर्ड लगा दिए जाएंगे। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी।
पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं सोहेलवा के वन्यजीव
सोहेलवा वन क्षेत्र और नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में टाइगर, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेड़िया, अजगर और किंग कोबरा जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण लोगों में हमेशा सतर्कता बनी रहती है। सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां थारू संस्कृति और ईको पर्यटन भी लोगों को आकर्षित करता है।
दारा नाला, वॉकिंग ट्रेल, थारू हट, साइक्लिंग ट्रैक, नदी, पहाड़, झरने, दुर्लभ वनस्पतियां, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, वन्यजीव और विदेशी पक्षियों के अलावा चित्तौड़गढ़, मजगंवा, भगवानपुर और बघेलखंड जलाशय भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक क्षेत्र में पहुंचते हैं।
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रविवार को भोजपुर से बांध घूमने आए रामपाल यादव ने बताया कि अमर उजाला में प्रकाशित खबर और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद वह अपने साथियों शरीफ, सलमान और आफताब के साथ मगरमच्छ देखने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे शाम तक मगरमच्छ के दिखाई देने का इंतजार करेंगे।
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उतरौला से आए रोशन, सत्यम, रमेश और शमशेर ने बताया कि समाचार पत्र में खबर पढ़ने के बाद वे भगवानपुर जलाशय पहुंचे हैं। रविवार होने के कारण सुबह उन्होंने ईको पर्यटन स्थल, दारा नाला, एसएसबी कैंप और कोइलाबास क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद अब मगरमच्छ देखने के लिए जलाशय के पास इंतजार कर रहे हैं।
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रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि मगरमच्छ की गतिविधियों पर दूरबीन से लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों को जलाशय के किनारे न जाने और पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। सहायक अभियंता बृजेश यादव ने बताया कि सोमवार को जलाशय के पास चेतावनी बोर्ड लगा दिए जाएंगे। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी।
पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं सोहेलवा के वन्यजीव
सोहेलवा वन क्षेत्र और नेपाल सीमा से सटे इस इलाके में टाइगर, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेड़िया, अजगर और किंग कोबरा जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण लोगों में हमेशा सतर्कता बनी रहती है। सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां थारू संस्कृति और ईको पर्यटन भी लोगों को आकर्षित करता है।
दारा नाला, वॉकिंग ट्रेल, थारू हट, साइक्लिंग ट्रैक, नदी, पहाड़, झरने, दुर्लभ वनस्पतियां, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, वन्यजीव और विदेशी पक्षियों के अलावा चित्तौड़गढ़, मजगंवा, भगवानपुर और बघेलखंड जलाशय भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक क्षेत्र में पहुंचते हैं।