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Balrampur News: दलित उत्पीड़न के दोषी को तीन वर्ष की कैद
Fri, 14 Jun 2024 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 14 Jun 2024 12:13 AM IST
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छह हजार रुपए का लगाया अर्थदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इफ्तखार अहमद ने दलित उत्पीड़न व मारपीट के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने दोषी को तीन वर्ष की कैद व छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
थाना तुलसीपुर के ग्राम पिपरहवा निवासी धनीराम ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी पत्नी शांति देवी व पुत्र प्रदीप कुमार जाति सूचक गालियां देते हुए गांव के ही ननकऊ व जगराम ने 18 जुलाई 2016 को मारा पीटा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर तुलसीपुर की पुलिस ने चार जनवरी 2017 को ननकऊ व जगराम के खिलाफ मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय पर प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान जगराम की मृत्यु हो जाने के कारण उनका नाम पत्रावली से काट दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने ननकऊ को दलित उत्पीड़न व मारपीट का दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की कैद व छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट इफ्तखार अहमद ने दलित उत्पीड़न व मारपीट के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने दोषी को तीन वर्ष की कैद व छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
थाना तुलसीपुर के ग्राम पिपरहवा निवासी धनीराम ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी पत्नी शांति देवी व पुत्र प्रदीप कुमार जाति सूचक गालियां देते हुए गांव के ही ननकऊ व जगराम ने 18 जुलाई 2016 को मारा पीटा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर तुलसीपुर की पुलिस ने चार जनवरी 2017 को ननकऊ व जगराम के खिलाफ मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय पर प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान जगराम की मृत्यु हो जाने के कारण उनका नाम पत्रावली से काट दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने ननकऊ को दलित उत्पीड़न व मारपीट का दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की कैद व छह हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
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