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दलित उत्पीड़न व छेड़छाड़ के दोषी को तीन वर्ष की कैद
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बलरामपुर। दलित उत्पीड़न व छेड़खानी करने के दोषी व्यक्ति को न्यायालय ने तीन वर्ष के कठोर कारावास व 5500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रणधीर सिंह ने बताया कि थाना रेहरा बाजार में दलित महिला ने तहरीर दी थी। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर रामधीरज व लाला के खिलाफ रेहरा थाने में दलित उत्पीड़न व दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट विनोद कुमार ने रामधीरज को दलित उत्पीड़न व छेड़खानी का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास व 5500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इसी मामले में दूसरे अभियुक्त लाला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रणधीर सिंह ने बताया कि थाना रेहरा बाजार में दलित महिला ने तहरीर दी थी। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर रामधीरज व लाला के खिलाफ रेहरा थाने में दलित उत्पीड़न व दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट विनोद कुमार ने रामधीरज को दलित उत्पीड़न व छेड़खानी का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास व 5500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इसी मामले में दूसरे अभियुक्त लाला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।