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Balrampur News: इमरजेंसी में स्टाफ नर्स नहीं खोल सकी ऑक्सीजन सिलिंडर
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बलरामपुर के संयुक्त जिला अस्पताल में का निरीक्षण करती निदेशक ।-संवाद
बलरामपुर। स्वास्थ्य भवन लखनऊ की सीएचसी/पीएचसी नर्सिंग निदेशक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इमरजेंसी कक्ष के शौचालय में गंदगी मिलने व ओपीडी में चिकित्सकों के ड्रेस कोड में न होने पर काफी नाराजगी जताई। सीएमएस को इसकी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।
निदेशक ने सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष का निरीक्षण किया। दवा व मरीजों से संबंधित रजिस्टर का अवलोकन किया। इमरजेंसी कक्ष में रखी दवा ट्रे काफी गंदी मिली। रजिस्टर प्रमाणित नहीं मिले। इमरजेंसी नर्सिंग स्टेशन कक्ष में स्टाफ नर्स ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं खोल पाई। इस पर निदेशक ने इसके लिए विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही। कहा कि आपातकाल में ऑक्सीजन सिलिंडर न खोल पाने से मरीज की जान भी जा सकती है। ऐसे में ऑक्सीजन सिलिंडर के संचालन के संबंध में कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए।
ओपीडी में सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित कई चिकित्सक बिना ड्रेस के मिले। चिकित्सकों के गले में आईडी कार्ड भी नहीं दिखा। इस पर भी निदेशक ने नाराजगी जताई। प्लास्टर रूम में भी गंदगी दिखी। इसके बाद निदेशक ने एक्सरे कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, पैथोलॉजी व वार्ड में उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया। कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव का जायजा लिया। सुव्यवस्थित ढंग से अभिलेख न रखे जाने पर सुधार के निर्देश दिए। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राज कुमार वर्मा ने निदेशक को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर गुणवत्ता प्रबंधक डॉ. रुचि पांडेय व डॉ. प्रभात त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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ड्यूटी पर मौजूद मिलीं स्त्री रोग विशेषज्ञ
निदेशक के आने की खबर पाते ही कई दिनों से गायब स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधावी सिंह बृहस्पतिवार को ड्यूटी पर दिखीं। ओपीडी में मरीज देख रही थीं। डॉ. मेधावी सिंह के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से ही वह ड्यूटी से गायब चल रही थीं। अवकाश के संबंध में अधीक्षक को कोई प्रार्थनापत्र भी नहीं दिया था। अधीक्षक के मुताबिक डॉ. मेधावी को कई बार फोन करके संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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निदेशक ने सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष का निरीक्षण किया। दवा व मरीजों से संबंधित रजिस्टर का अवलोकन किया। इमरजेंसी कक्ष में रखी दवा ट्रे काफी गंदी मिली। रजिस्टर प्रमाणित नहीं मिले। इमरजेंसी नर्सिंग स्टेशन कक्ष में स्टाफ नर्स ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं खोल पाई। इस पर निदेशक ने इसके लिए विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही। कहा कि आपातकाल में ऑक्सीजन सिलिंडर न खोल पाने से मरीज की जान भी जा सकती है। ऐसे में ऑक्सीजन सिलिंडर के संचालन के संबंध में कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए।
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ओपीडी में सर्जन, फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित कई चिकित्सक बिना ड्रेस के मिले। चिकित्सकों के गले में आईडी कार्ड भी नहीं दिखा। इस पर भी निदेशक ने नाराजगी जताई। प्लास्टर रूम में भी गंदगी दिखी। इसके बाद निदेशक ने एक्सरे कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, पैथोलॉजी व वार्ड में उपलब्ध संसाधनों का आकलन किया। कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव का जायजा लिया। सुव्यवस्थित ढंग से अभिलेख न रखे जाने पर सुधार के निर्देश दिए। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राज कुमार वर्मा ने निदेशक को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर गुणवत्ता प्रबंधक डॉ. रुचि पांडेय व डॉ. प्रभात त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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ड्यूटी पर मौजूद मिलीं स्त्री रोग विशेषज्ञ
निदेशक के आने की खबर पाते ही कई दिनों से गायब स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधावी सिंह बृहस्पतिवार को ड्यूटी पर दिखीं। ओपीडी में मरीज देख रही थीं। डॉ. मेधावी सिंह के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से ही वह ड्यूटी से गायब चल रही थीं। अवकाश के संबंध में अधीक्षक को कोई प्रार्थनापत्र भी नहीं दिया था। अधीक्षक के मुताबिक डॉ. मेधावी को कई बार फोन करके संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।