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शहर की सांसों में जहर घोल रहा है सुलगता कूड़ा
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बलरामपुर के नहरबालागंज के पास सुंआव नाले के बांध के किनारे डंप किए गए कूड़े से उठ रहा धुंआ।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। नगर के घरों से निकला कूड़ा ही यहां की सांसों में जहर घोलने का काम कर रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने करीब 38 लाख रुपये खर्च कर कूड़ा निस्तारण केंद्र तो बनवाया लेकिन वह बनने के बाद से ही बदहाल है।
नगर के किनारे कूड़ा फेंक कर उसमें आग लगा दी गई है। प्लास्टिक व अन्य रसायन के जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा के मरीजों को हो रही है।
शहर में रोज कई टन कूड़ा कचरा घरों से निकलता है। सफाई कर्मी इस कूड़े को घरों से उठाकर नहरबालागंज के पास सुंआव नाले के बांध के किनारे डंप कर रहे हैं। इस कूड़े में आग लगा दी गई है। आग लगने से जहरीले धुएं का गुबार पूरे शहर में उड़ रहा है। आस पास के लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही है।
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अस्थमा के मरीजों को सर्दी के मौसम में यह जहरीला धुआं जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसा हमारा नहीं बल्कि डाक्टरों का कहना है। नगर की इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए ईओ आरके जायसवाल से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन ही नहीं उठा।
गत वर्ष नगर पालिका प्रशासन ने कूड़ा निस्तारण के लिए करीब 38 लाख रुपये खर्च कर तुलसीपुर रोड पर मेवालाल पुलिस चौकी के पास केन्द्र बनवाया था। व्यवस्था यह की गई थी कि यहां पर शहर का कूड़ा एकत्र कर उसका यथोचित निस्तारण किया जाएगा।
सूखे कचरे से प्लास्टिक व अन्य सामान अलग कर उसकी नीलामी की जाएगी और उससे नगर पालिका की आय भी बढ़ेगी। केंद्र तो बना लेकिन कुछ ही दिन बाद इसकी बाउंड्रीवाल आदि धराशायी हो गई। गलत स्थल चयन के कारण यहां पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि व अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।
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नगर के किनारे कूड़ा फेंक कर उसमें आग लगा दी गई है। प्लास्टिक व अन्य रसायन के जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा के मरीजों को हो रही है।
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शहर में रोज कई टन कूड़ा कचरा घरों से निकलता है। सफाई कर्मी इस कूड़े को घरों से उठाकर नहरबालागंज के पास सुंआव नाले के बांध के किनारे डंप कर रहे हैं। इस कूड़े में आग लगा दी गई है। आग लगने से जहरीले धुएं का गुबार पूरे शहर में उड़ रहा है। आस पास के लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही है।
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अस्थमा के मरीजों को सर्दी के मौसम में यह जहरीला धुआं जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसा हमारा नहीं बल्कि डाक्टरों का कहना है। नगर की इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए ईओ आरके जायसवाल से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन ही नहीं उठा।
गत वर्ष नगर पालिका प्रशासन ने कूड़ा निस्तारण के लिए करीब 38 लाख रुपये खर्च कर तुलसीपुर रोड पर मेवालाल पुलिस चौकी के पास केन्द्र बनवाया था। व्यवस्था यह की गई थी कि यहां पर शहर का कूड़ा एकत्र कर उसका यथोचित निस्तारण किया जाएगा।
सूखे कचरे से प्लास्टिक व अन्य सामान अलग कर उसकी नीलामी की जाएगी और उससे नगर पालिका की आय भी बढ़ेगी। केंद्र तो बना लेकिन कुछ ही दिन बाद इसकी बाउंड्रीवाल आदि धराशायी हो गई। गलत स्थल चयन के कारण यहां पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि व अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।