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किसानों के फसलों को बर्बाद कर रहे छुट्टा गोवंश
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बलरामपुर। सरकार व प्रशासन चाहे जितने दावे करे मगर धरातल पर खोखले ही नजर आ रहे हैं। जिले में गोवंशों के बने आश्रय स्थल सिर्फ दिखावा साबित हो रहे हैं। जिम्मेदारों के घोर लापरवाही के चलते गोवंशों को आश्रय स्थलों में नहीं रखा जा रहा है।
गो आश्रय स्थलों में इंतजाम न होने से गोवंश भटकने को मजबूर हैं। गोवंशों को आश्रय स्थलों में मिलने वाला चारा-पानी भी बिचौलिए हजम कर रहे हैं। थाना महराजगंज तराई क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में छुट्टा गोवंशों के प्रकोप से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
थाना महराजगंज तराई के किसान बंटू सिंह, अब्दुल्ला, अशोक कुमार सिंह, अमित वर्मा, पवन, सुखदेव व अब्दुल अजीज आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि भारी संख्या में छुट्टा गोवंश उनके खेतों में लगी फसलों के काल बन गए हैं।
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जयनगरा, कौवापुर, परसपुर, रुद्रपुर, रामगढ़, मैटाहवा, परसिया कला व हरिहर नगर सहित 20 से अधिक गांवों में छुट्टा गोवंशों का प्रकोप है। परिवार के लोग शिफ्ट के अनुसार फसलों की रखवाली के लिए खेतों में ड्यूटी कर रहे हैं। हर आठ घंटे पर परिवार के सदस्य की ड्यूटी खेतों में गोवंशों से फसलों की रखवाली के लगाई जाती है।
गोआश्रय स्थलों में चारे व पानी का अभाव होने से छुट्टा गोवंशों को पेट भरने के लिए खेतों में जाना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से गोवंशों को चारा-पानी के लिए दी जाने वाली रकम बिचौलिए हड़प रहे हैं।
खेतों में फसलों का नुकसान करने के बाद सभी गोवंश सड़कों पर झुंड के रुप में आते हैं जिससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में भारी वृद्घि हो रही है। बीडीओ तुलसीपुर संजय श्रीवास्तव ने बताया कि छुट्टा गोवंशों को आश्रय स्थलों में भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
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गो आश्रय स्थलों में इंतजाम न होने से गोवंश भटकने को मजबूर हैं। गोवंशों को आश्रय स्थलों में मिलने वाला चारा-पानी भी बिचौलिए हजम कर रहे हैं। थाना महराजगंज तराई क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में छुट्टा गोवंशों के प्रकोप से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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थाना महराजगंज तराई के किसान बंटू सिंह, अब्दुल्ला, अशोक कुमार सिंह, अमित वर्मा, पवन, सुखदेव व अब्दुल अजीज आदि ने डीएम को भेजे गए शिकायती पत्र में कहा है कि भारी संख्या में छुट्टा गोवंश उनके खेतों में लगी फसलों के काल बन गए हैं।
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जयनगरा, कौवापुर, परसपुर, रुद्रपुर, रामगढ़, मैटाहवा, परसिया कला व हरिहर नगर सहित 20 से अधिक गांवों में छुट्टा गोवंशों का प्रकोप है। परिवार के लोग शिफ्ट के अनुसार फसलों की रखवाली के लिए खेतों में ड्यूटी कर रहे हैं। हर आठ घंटे पर परिवार के सदस्य की ड्यूटी खेतों में गोवंशों से फसलों की रखवाली के लगाई जाती है।
गोआश्रय स्थलों में चारे व पानी का अभाव होने से छुट्टा गोवंशों को पेट भरने के लिए खेतों में जाना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से गोवंशों को चारा-पानी के लिए दी जाने वाली रकम बिचौलिए हड़प रहे हैं।
खेतों में फसलों का नुकसान करने के बाद सभी गोवंश सड़कों पर झुंड के रुप में आते हैं जिससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में भारी वृद्घि हो रही है। बीडीओ तुलसीपुर संजय श्रीवास्तव ने बताया कि छुट्टा गोवंशों को आश्रय स्थलों में भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं।