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Balrampur News: सिपाही से छेड़छाड़ की जांच आठ माह में भी पूरी न कर सके

Sat, 15 Nov 2025 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sat, 15 Nov 2025 11:15 PM IST
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The investigation into the molestation of a constable could not be completed even in eight months.
बलरामपुर। कोतवाली देहात थाने में तैनात एक महिला आरक्षी को होली के दूसरे दिन पुलिसकर्मियों ने दौड़ाया और छेड़छाड़ की। मामले की शिकायत होने पर दो चरणों में पांच पुलिस कर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया। विशाखा कमेटी गठित कर मामले की जांच हो रही है। हालांकि आठ माह बीतने के बाद भी अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। महिला सिपाही को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। अब मामले की शिकायत महिला आयोग में हुई है।
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घटना 15 मार्च 2025 की है। राज्य महिला आयोग में हुई शिकायत में गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि होली के दूसरे दिन पुलिस की होली थी। थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच होली का कार्यक्रम था। इसमें हेड कांस्टेबल समेत पांच सिपाहियों पर जबरदस्ती महिला आरक्षी पर रंग डालने का प्रयास करने के आरोप लगे। महिला आरक्षी के विरोध करने पर इन लोगों ने थाने में दौड़ाया। बचने के लिए वह एक ट्रैक्टर पर चढ़ीं तो घेरकर नीचे उतारा। धक्कामुक्की की और अभद्रता की गई।
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पीड़िता ने उस समय प्रभारी निरीक्षक को जानकारी दी थी और पूरे मामले से पुलिस अधीक्षक को भी अवगत कराया। एसपी ने पांचों पुलिस कर्मियों को थाने से हटाकर पुलिसलाइन भेज दिया। प्रकरण की जांच सीओ सिटी ज्योति श्री की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जा रही है, लेकिन जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस वजह से पीड़ित महिला आरक्षी मानसिक तनाव और सामाजिक उपहास का सामना कर रही हैं।
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लाइनहाजिर कोई कार्रवाई नहीं

पुलिस कर्मियों ने जिस तरह की हरकत की है, उसमें लाइनहाजिर के बजाए निलंबित किया जाना चाहिए। लाइनहाजिर एक व्यवस्था है कोई कार्रवाई नहीं है। आरोपियों को व्यवस्था का लाभ देना अनुचित है। थाने में महिला आरक्षी को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी विभाग की है। ऐसे मामलों में सरकार भी गंभीर है। अभी तक जांच ही होना गंभीर मामला है। इसकी विशेष जांच होनी चाहिए।


राम बहादुर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी व पूर्व सचिव उत्तर प्रदेश शासन

हो रही है जांच, होगा न्याय
पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की जांच सीओ सिटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी कर रही है। महिला आरक्षी के आरोपों की पूरी जांच होगी। मामले में न्याय होगा, किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं।

विशाल पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक
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