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Balrampur News: बूंदाबांदी से से बढ़ गई किसानों की चिंता
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बलरामपुर में लहलहा रही सरसो की फसल।-संवाद
बलरामपुर। जिले में शुक्रवार की शाम व शनिवार की दोपहर हुई बूंदाबांदी से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बन गई हैं। इसी के साथ पूरे दिन हवाएं भी चलती रहीं। सरसों की फसल को तेज हवाओं से नुकसान पहुंच रहा है। यदि बारिश हुई तो गेहूं की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
जिले में दो दिनों से मौसम खराब हो गया है। शनिवार दोपहर तेज हवा के साथ अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे पहले शुक्रवार की रात भी बूंदाबांदी हुई, जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। जिले में इस बार सरसों की अच्छी पैदावार होने की संभावना है। गत वर्ष भी बारिश के कारण सरसों की फसल में नुकसान हुआ था। किसान इस बात से चिंतित हैं कि इस बार भी बारिश उनकी मेहनत पर पानी न फेर दे। जिले में इस बार सरसों की खेती करीब 24 हजार हेक्टेयर में हुआ है। सरसों की फसल पकने को तैयार खड़ी है, लेकिन अचानक मौसम ने परेशान कर दिया है। यदि बारिश हुई तो सरसों का दाना काला पड़ सकता है।
किसान संतोष कुमार, इजराइल अहमद, विवेक दूबे व मो. इरफान का कहना है कि दो दिनों से जिले में मौसम खराब हो गया है। मौसम में हुए परिवर्तन फसल के लिए बहुत नुकसानदायक है। हालांकि गेहूं की फसल के लिए डर नहीं है। किसान मनोज कुमार का कहना है कि सरसों की फसल पकने को है, ऐसे में बारिश से दिक्कत होगी। बादलों की गड़गड़ाहट से किसानों की धड़कन बढ़ने लगी हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया का कहना है कि अभी किसानों को डरने की जरूरत नहीं है। अगर लगातार इसी तरह का मौसम रहता है तो नुकसान की संभावना है। गेहूं की फसल में अभी किसान सिंचाई न करें।
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जिले में दो दिनों से मौसम खराब हो गया है। शनिवार दोपहर तेज हवा के साथ अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे पहले शुक्रवार की रात भी बूंदाबांदी हुई, जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। जिले में इस बार सरसों की अच्छी पैदावार होने की संभावना है। गत वर्ष भी बारिश के कारण सरसों की फसल में नुकसान हुआ था। किसान इस बात से चिंतित हैं कि इस बार भी बारिश उनकी मेहनत पर पानी न फेर दे। जिले में इस बार सरसों की खेती करीब 24 हजार हेक्टेयर में हुआ है। सरसों की फसल पकने को तैयार खड़ी है, लेकिन अचानक मौसम ने परेशान कर दिया है। यदि बारिश हुई तो सरसों का दाना काला पड़ सकता है।
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किसान संतोष कुमार, इजराइल अहमद, विवेक दूबे व मो. इरफान का कहना है कि दो दिनों से जिले में मौसम खराब हो गया है। मौसम में हुए परिवर्तन फसल के लिए बहुत नुकसानदायक है। हालांकि गेहूं की फसल के लिए डर नहीं है। किसान मनोज कुमार का कहना है कि सरसों की फसल पकने को है, ऐसे में बारिश से दिक्कत होगी। बादलों की गड़गड़ाहट से किसानों की धड़कन बढ़ने लगी हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया का कहना है कि अभी किसानों को डरने की जरूरत नहीं है। अगर लगातार इसी तरह का मौसम रहता है तो नुकसान की संभावना है। गेहूं की फसल में अभी किसान सिंचाई न करें।
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