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Balrampur News: कुपोषण के विरुद्ध जंग लड़ने का टूट रहा सपना

Mon, 03 Jun 2024 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Mon, 03 Jun 2024 12:09 AM IST
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The dream of fighting against malnutrition is breaking
बलरामपुर। कुपोषण के विरुद्ध चला अभियान जिले में कुंद पड़ गया है। इससे कुपोषण के विरुद्ध जंग लड़ने का सपना टूट रहा है। गर्भवती, धात्री, बच्चों व किशोरियों की सेहत मुर्झा रही है। कारण, जिले के पांच टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट में चार माह से पौष्टिक पोषाहार नहीं बन रहा है। 10 बाल विकास परियोजनाओं के दो लाख 26 हजार 928 लाभार्थियों के लिए पोषाहार बनाने व वितरण की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार मुहैया कराने और बाल विकास परियोजनाओं से जुडे लाभार्थियों को सेहतमंद बनाने के लिए जिले के पांच ब्लॉकों में टीएचआर प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। ब्लॉक सदर में कमल महिला न्यूट्रीशन इंटर प्राइजेज बिजलीपुर, तुलसीपुर में महाराजा न्यूट्रीशन इंटर प्राइजेज लैबुड्डी, हरैया सतघरवा में तिरंगा न्यूट्रीशन इंटर प्राइजेज शिवपुरा, सफल महिला न्यूट्रीशन इंटर प्राइजेज उतरौला व गैड़ास बुजुर्ग में प्रगति न्यूट्रीशन इंटर प्राइजेज में समूह की महिलाएं पोषण से भरपूर छह प्रकार के व्यंजन तैयार करके हर माह आंगनबाड़ी केंद्रों को सप्लाई कराई जाती है। (संवाद)
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टीएचआर प्लांट में बनते हैं ये व्यंजन



-हर आंगनबाड़ी केंद्र में छह माह से तीन वर्ष तक के एक बच्चा को प्रतिमाह 1042 ग्राम आटा-बेसन-हलवा का पैकेट, छह वर्ष तक एक बच्चा को पैकेट में 650 ग्राम दलिया व 950 ग्राम मूंगदाल खिचड़ी तैयार करके दिया जाता है। कुपोषित बच्चा को पैकेट में 975 ग्राम ऊर्जायुक्त हलवा, गर्भवती व धात्री को 975 ग्राम पैकेट में आटा-बेसन बर्फी, एवं 900 ग्राम के पैकेट में दलिया, मूंगदाल व खिचड़ी जैसे पौष्टिक व्यंजन दिए जाते हैं। किशोरी को 975 ग्राम पैकेट में आटा-बेसन बर्फी व 900 ग्राम के पैकेट में मूंगदाल खिचड़ी दिया जाता है।




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चार माह से नहीं मिला बजट

-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार मौर्य ने बताया कि चार माह से बजट नहीं मिला है। हर माह प्रत्येक टीएचआर प्लांट में 70 लाख रुपये की लागत से लाभार्थियों के लिए पोषाहार तैयार किए जाते हैं।


हर माह 2.27 लाख लाभार्थियों को मिलता है पोषाहार

-डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा ने बताया कि हर माह जिले के 10 बाल विकास परियोजनाओं के 1425 आंगनबाड़ी केंद्रों के 14626 गर्भवती, 10754 धात्री, 25580 किशोरियों, 96392 छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, 102633 तीन से छह वर्ष तक के बच्चों व 2323 कुपोषित बच्चों को टीएचआर प्लांट से मिलने वाले पोषाहार का वितरण कराया जाता है।
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