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Balrampur News: डिजिटल पुस्तकालय में होंगी स्थानीय साहित्यकारों की किताबें
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बलरामपुर के शिवानगर में बना पंचायत भवन।-संवाद
बलरामपुर। जिले के 385 ग्राम पंचायतों में युवाओं के लिए डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाने की कवायद की जा रहा है। पुस्तकालय में स्थानीय साहित्यकारों की किताबों को वरीयता दी जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी जनपद स्तरीय समिति इसके लिए पुस्तकों का चयन करेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनने वाले पुस्तकालय में विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपयोगी पाठ्य सामग्री और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। चयनित पुस्तकों में 50 प्रतिशत शासकीय व अन्य प्रकाशकों की होंगी। साथ ही स्थानीय भाषाओं के साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रनायकों, शहीदों की जीवनी, स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकें भी शामिल की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि समिति प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, महिलाओं और बच्चों से संबंधित ज्ञानवर्धक पुस्तकों को भी प्राथमिकता देगी। पुस्तक चयन के दौरान मूल्य, भाषा की सरलता और सामग्री की उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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कोई भी उपलब्ध करा सकता है पुस्तक
डीपीआरओ ने बताया कि जो भी व्यक्ति, संस्था या फर्म ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराना चाहती हैं, वह अपनी पुस्तकों के प्रकाशन व लेख से संबंधित विवरण ईमेल आईडी dprobp-up@ nic.in पर भेज सकते हैं। जो विद्यार्थी अपनी ग्राम पंचायत के डिजिटल पुस्तकालय में किसी विशेष पाठ्य सामग्री या पुस्तक को शामिल कराना चाहते हैं, वह भी पुस्तक की सूची इसी ईमेल पर भेज सकते हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनने वाले पुस्तकालय में विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए उपयोगी पाठ्य सामग्री और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। चयनित पुस्तकों में 50 प्रतिशत शासकीय व अन्य प्रकाशकों की होंगी। साथ ही स्थानीय भाषाओं के साहित्यकारों, स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रनायकों, शहीदों की जीवनी, स्थानीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकें भी शामिल की जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि समिति प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, महिलाओं और बच्चों से संबंधित ज्ञानवर्धक पुस्तकों को भी प्राथमिकता देगी। पुस्तक चयन के दौरान मूल्य, भाषा की सरलता और सामग्री की उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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कोई भी उपलब्ध करा सकता है पुस्तक
डीपीआरओ ने बताया कि जो भी व्यक्ति, संस्था या फर्म ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय के लिए पुस्तकें उपलब्ध कराना चाहती हैं, वह अपनी पुस्तकों के प्रकाशन व लेख से संबंधित विवरण ईमेल आईडी dprobp-up