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Balrampur News: पीएचसी रेहरा बाजार के चिकित्सक की बढ़ेंगी मुश्किलें
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बलरामपुर में स्थित पीएचसी रेहरा।-संवाद
बलरामपुर। ड्यूटी से गायब रहने के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेहरा बाजार में तैनात रहे डॉ. नरेंद्र कुमार की मुश्किलें बढ़ेंगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर कई सालों से ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
डिप्टी सीएम की तरफ से कराए गए सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि प्रदेश भर से 31 चिकित्सक बिना बताए ड्यूटी से गायब चल रहे हैं। 31 डॉक्टरों की सूची में जिले के रेहरा बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. नरेंद्र कुमार का नाम भी शामिल हैं। अब डिप्टी सीएम की तरफ से इन चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। साथ ही एक करोड़ का जुर्माना भी वसूला जाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी अस्पतालों में तैनाती के दौरान लेवल-1 के डॉक्टरों को पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई की अनुमति दी गई है। इसके लिए बांड भी भराया गया, लेकिन इन डॉक्टरों ने बांड नियमों का उल्लंघन किया है। ऐसे में कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। अब डॉ. नरेंद्र के खिलाफ कार्रवाई के साथ भुगतान की रिकवरी भी की जाएगी।
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पीएचसी रेहरा बाजार के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विजय भान ने बताया कि डॉ. नरेंद्र की तैनाती वर्ष 2020 में हुई थी। वर्ष 2021 में पीजी करने के लिए चले गए, इसके बाद लौटकर नहीं आए। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जो भी कार्रवाई होगी, उसका अनुपालन कराया जाएगा।
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डिप्टी सीएम की तरफ से कराए गए सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि प्रदेश भर से 31 चिकित्सक बिना बताए ड्यूटी से गायब चल रहे हैं। 31 डॉक्टरों की सूची में जिले के रेहरा बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. नरेंद्र कुमार का नाम भी शामिल हैं। अब डिप्टी सीएम की तरफ से इन चिकित्सकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। साथ ही एक करोड़ का जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी अस्पतालों में तैनाती के दौरान लेवल-1 के डॉक्टरों को पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई की अनुमति दी गई है। इसके लिए बांड भी भराया गया, लेकिन इन डॉक्टरों ने बांड नियमों का उल्लंघन किया है। ऐसे में कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। अब डॉ. नरेंद्र के खिलाफ कार्रवाई के साथ भुगतान की रिकवरी भी की जाएगी।
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पीएचसी रेहरा बाजार के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विजय भान ने बताया कि डॉ. नरेंद्र की तैनाती वर्ष 2020 में हुई थी। वर्ष 2021 में पीजी करने के लिए चले गए, इसके बाद लौटकर नहीं आए। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से जो भी कार्रवाई होगी, उसका अनुपालन कराया जाएगा।