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Balrampur News: ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे नौनिहाल
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बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय बकौली टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते बच्चे।-संवाद
बलरामपुर। कड़ाके की ठंड के बीच बुधवार को सरकारी व गैर सरकारी स्कूल खुल गए। परिषदीय विद्यालयों में बच्चे ठंड से कांपते नजर आए। प्राइमरी स्कूल में बच्चे टाट-पट्टी पर पढ़ने के लिए बैठे तो सिहर गए। विद्यालयों में ठंड से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखी।
सर्दी को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था। परिषदीय स्कूलों के साथ सभी बोर्डों के निजी विद्यालय भी बंद थे। बुधवार को शीतलहर व ठंड के बीच ही स्कूल खोल दिए गए। अवकाश न बढ़ने के कारण छात्र-छात्राओं को कड़ाके की ठंड में ही स्कूल आना पड़ा। बच्चे कांपते और ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचे। हरैया सतघरवा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भड़सहिया में ठंड के चलते केवल तीन छात्र ही स्कूल पहुंचे। छात्र पवन जायसवाल, परख तिवारी व शिवानी ने बताया कि ठंड के चलते स्कूल आने का मन नहीं था। पढ़ाई बाधित न हो इसलिए स्कूल आए हैं। शिक्षक रवि कुमार ने बताया कि गांव में घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा गया लेकिन ठंड के कारण अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
प्राथमिक विद्यालय अंधरपुरवा में पंजीकृत 70 में से महज आठ बच्चे ही स्कूल पहुंचे। प्रधानाध्यापक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि छुट्टी के बाद पहले दिन स्कूल खुलने के कारण एमडीएम की व्यवस्था नहीं हो पाई। गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बकौली में पहुंचे बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। बच्चों ने बताया कि टाट-पट्टी पर बैठने के कारण ठंड अधिक लग रही है।
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कंपोजिट विद्यालय बेलवा में 191 बच्चों में से सिर्फ आठ ही स्कूल पहुंचे। शिक्षक आदर्श वाजपेयी व आलोक कुमार तथा शिक्षामित्र श्यामराज व नेहा ने बताया कि ठंड के कारण बच्चों की उपस्थिति कम है।
ठंड बढ़ने पर किया जाएगा अवकाश
ठंड के चलते विद्यालय 15 दिनों तक बंद थे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और कोर्स समय से पूरा हो सके इसके लिए बुधवार से विद्यालय खुल गए हैं। यदि ठंड बढ़ी तो पुन: अवकाश घोषित किया जाएगा।
शुभम शुक्ल, बीएसए
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सर्दी को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया था। परिषदीय स्कूलों के साथ सभी बोर्डों के निजी विद्यालय भी बंद थे। बुधवार को शीतलहर व ठंड के बीच ही स्कूल खोल दिए गए। अवकाश न बढ़ने के कारण छात्र-छात्राओं को कड़ाके की ठंड में ही स्कूल आना पड़ा। बच्चे कांपते और ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचे। हरैया सतघरवा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भड़सहिया में ठंड के चलते केवल तीन छात्र ही स्कूल पहुंचे। छात्र पवन जायसवाल, परख तिवारी व शिवानी ने बताया कि ठंड के चलते स्कूल आने का मन नहीं था। पढ़ाई बाधित न हो इसलिए स्कूल आए हैं। शिक्षक रवि कुमार ने बताया कि गांव में घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा गया लेकिन ठंड के कारण अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
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प्राथमिक विद्यालय अंधरपुरवा में पंजीकृत 70 में से महज आठ बच्चे ही स्कूल पहुंचे। प्रधानाध्यापक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि छुट्टी के बाद पहले दिन स्कूल खुलने के कारण एमडीएम की व्यवस्था नहीं हो पाई। गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बकौली में पहुंचे बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। बच्चों ने बताया कि टाट-पट्टी पर बैठने के कारण ठंड अधिक लग रही है।
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कंपोजिट विद्यालय बेलवा में 191 बच्चों में से सिर्फ आठ ही स्कूल पहुंचे। शिक्षक आदर्श वाजपेयी व आलोक कुमार तथा शिक्षामित्र श्यामराज व नेहा ने बताया कि ठंड के कारण बच्चों की उपस्थिति कम है।
ठंड बढ़ने पर किया जाएगा अवकाश
ठंड के चलते विद्यालय 15 दिनों तक बंद थे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और कोर्स समय से पूरा हो सके इसके लिए बुधवार से विद्यालय खुल गए हैं। यदि ठंड बढ़ी तो पुन: अवकाश घोषित किया जाएगा।
शुभम शुक्ल, बीएसए