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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों ने जताया विरोध
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फोटो-5-बलरामपुर में डीआईओएस को ज्ञापन सौंपते शिक्षक।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों ने बुधवार को धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपकर पुरानी पेंशन बहाल कराने की मांग की गई।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ल व जिला महामंत्री अशोक कुमार पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों ने डीआईओएस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। जिला महामंत्री ने कहा कि नई पेंशन योजना से शिक्षकों व कर्मचारियों को बुढ़ापे में कोई फायदा नहीं होगा। चेतावनी दी कि अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करेगी तो शिक्षक व कर्मचारी लामबंद होकर आंदोलन करेंगे।
माध्यमिक स्कूलों में तदर्थ शिक्षकों को अभी तक विनियमित नहीं किया गया है जिससे उनका भविष्य अधर में है। मांग की कि शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। वित्तविहीन विद्यालयों में कार्य करने वाले शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन व सेवा शर्तें लागू कराई जाए। शिक्षकों के स्थानांतरण नीति को सरल बनाकर उसका लाभ दिलाया जाए। 2014 से बंद सामूहिक बीमा फिर से चालू किया जाए। धरने में कुंवर अनूप सिंह, श्याम मनोहर तिवारी, जितेंद्र पांडेय, यदुनाथ वर्मा, महेंद्र कुमार, सगीर अहमद, उमाशंकर सिंह व देवकी नंदन पांडेय आदि शामिल रहे। संवाद
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माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ल व जिला महामंत्री अशोक कुमार पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों ने डीआईओएस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। जिला महामंत्री ने कहा कि नई पेंशन योजना से शिक्षकों व कर्मचारियों को बुढ़ापे में कोई फायदा नहीं होगा। चेतावनी दी कि अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करेगी तो शिक्षक व कर्मचारी लामबंद होकर आंदोलन करेंगे।
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माध्यमिक स्कूलों में तदर्थ शिक्षकों को अभी तक विनियमित नहीं किया गया है जिससे उनका भविष्य अधर में है। मांग की कि शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। वित्तविहीन विद्यालयों में कार्य करने वाले शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन व सेवा शर्तें लागू कराई जाए। शिक्षकों के स्थानांतरण नीति को सरल बनाकर उसका लाभ दिलाया जाए। 2014 से बंद सामूहिक बीमा फिर से चालू किया जाए। धरने में कुंवर अनूप सिंह, श्याम मनोहर तिवारी, जितेंद्र पांडेय, यदुनाथ वर्मा, महेंद्र कुमार, सगीर अहमद, उमाशंकर सिंह व देवकी नंदन पांडेय आदि शामिल रहे। संवाद
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