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Balrampur News: बिना शिक्षक बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र
Wed, 27 Dec 2023 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 27 Dec 2023 11:39 PM IST
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बलरामपुर। बोर्ड परीक्षाओं की तिथि तो घोषित कर दी लेकिन जिले के तीन आश्रम पद्धति विद्यालयों में लंबे समय से कई शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इससे यहां पढ़ाई कर रहे बच्चों को बिना शिक्षक के ही परीक्षाओं की तैयारी को विवश होना पड़ रहा है। इन विद्यालयों में गणित और अंगेजी समेत कई प्रमुख विषयों के शिक्षकों के आठ पद रिक्त हैं।
जिले में संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय सेखुईकला, जरवा एवं पचपेड़वा बीते लंबे समय से शिक्षकों की तैनाती की राह देख रहे हैं। शिक्षक न होने से इन विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी व नागरिक अर्थशास्त्र आदि विषयों की पढ़ाई स्वयं करनी पड़ रही है। इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी में उन्हें काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।
छात्रों का कहना है कि गणित के सूत्र व सवालों को हल के लिए मार्गदर्शन की आवश्यकता काफी जरूरी है। गणित के शिक्षक न होने से परीक्षा तैयारियां पूरी तरह से अधर में अटकी है। इसी तरह विज्ञान व अंग्रेजी विषय में भी बच्चों को परेशानी उठाना पड़ रही है। ऐसे में बिना तैयारी के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से परीक्षा परिणाम खराब होने का अंदेशा भी बच्चों को परेशान कर रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन निरस्त हो जाने के कारण पूरी नहीं हो सकी। नए निर्देश पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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जिले में संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय सेखुईकला, जरवा एवं पचपेड़वा बीते लंबे समय से शिक्षकों की तैनाती की राह देख रहे हैं। शिक्षक न होने से इन विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी व नागरिक अर्थशास्त्र आदि विषयों की पढ़ाई स्वयं करनी पड़ रही है। इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी में उन्हें काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।
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छात्रों का कहना है कि गणित के सूत्र व सवालों को हल के लिए मार्गदर्शन की आवश्यकता काफी जरूरी है। गणित के शिक्षक न होने से परीक्षा तैयारियां पूरी तरह से अधर में अटकी है। इसी तरह विज्ञान व अंग्रेजी विषय में भी बच्चों को परेशानी उठाना पड़ रही है। ऐसे में बिना तैयारी के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से परीक्षा परिणाम खराब होने का अंदेशा भी बच्चों को परेशान कर रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी लेकिन निरस्त हो जाने के कारण पूरी नहीं हो सकी। नए निर्देश पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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