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Balrampur News: साहब मैं जिंदा हूं...पेंशन दिलवा दीजिए
Wed, 13 Nov 2024 10:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 13 Nov 2024 10:29 PM IST
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बलरामपुर। यह कैसी विडंबना है, उम्र के जिस पड़ाव पर बुजुर्गों को घर बैठे सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, उस परिस्थिति में उन्हें कोषागार कार्यालय जाकर खुद के जिंदा होने का सुबूत देना पड़ रहा है। बुजुर्ग, पेंशन पाने के लिए कोषागार जाकर कह रहे हैं कि साहब मैं जिंदा हूं...ये लीजिए मेरा प्रमाण पत्र, पेंशन दिलवा दीजिए। हालांकि शासन ने ऑनलाइन जीवित प्रमाण जमा कराने के कई विकल्प उपलब्ध करा दिए हैं, मगर जागरूकता के अभाव में बुजुर्ग परेशान हो रहे हैं।
वर्तमान में कोषागार से 5746 बुजुर्गों को पेंशन मिल रहा है। दो माह के अंदर पेंशनर्स को कोषागार में अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा करना है। ऑनलाइन सुविधा होने के बावजूद बुजुर्ग कोषागार कार्यालय पहुंच रहे हैं। आयरिश और फिंगर प्रिंट में दिक्कत होने के चलते कुछ पेंशनर्स को मजबूरी में भी कोषागार आना पड़ता है। अधिक उम्र के कारण आयरिश व फिंगर प्रिंट का स्कैन नहीं हो पाता है। ऐसे पेंशनर्स के परिजन उन्हें कोषागार लाते हैं। इस परिस्थिति से बचने के लिए दूसरे तरीके का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें डाक विभाग का कर्मचारी पेंशनर्स के जीवित होने का प्रमाण जुटाकर कोषागार में जमा करता है।
सहारा लेकर पहुंच रहे कोषागार
-बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार में 40 किलोमीटर दूर से आए उतरौला तहसील के पेहर बाजार निवासी आफाक मोहम्मद खां, 20 किलोमीटर दूर से आये मथुरा बाजार निवासी जगदंबिका प्रसाद, जोखूराम व राम सुमिरन ने बताया कि ऑनलाइन प्रमाण पत्र जमा करने में परेशान होना पड़ता है। इसलिए अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र कोषागार कार्यालय में आकर जमा कर रहे हैं।
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विभाग भी नहीं चाहता भीड़
-कोषागार विभाग का स्टाफ भी नहीं चाहता है कि पेंशनर्स वहां तक आएं। कोषागार में पहले 16 को स्टाॅफ था, लेकिन मौजूदा समय में सिर्फ छह कर्मचारी बचे हैं। ऑफलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने के बाद हर पेंशनर्स का रिकार्ड तलाशना पड़ता है, जिसमें काफी मेहनत करनी पड़ती है। ऑनलाइन में सब कुछ मिनटों में हो जाता है। कर्मचारी भी चाहते हैं पेंशनर्स घर बैठे अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कराएं।
ये हैं विकल्प
-पेंशनर्स को जीवित प्रमाण पत्र देने के छह विकल्प हैं। पहला पोर्टल, दूसरा डाकिया, तीसरा फेस ऑथेंटिकेशन, चौथा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी), पांचवां नामित अधिकारी व छठवां डोर स्टेप बैंकिंग के माध्यम से अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
-पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को घर बैठे जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा है। सभी पेंशनर्स से ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की अपील की जा रही है।
-अशोक कुमार यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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वर्तमान में कोषागार से 5746 बुजुर्गों को पेंशन मिल रहा है। दो माह के अंदर पेंशनर्स को कोषागार में अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा करना है। ऑनलाइन सुविधा होने के बावजूद बुजुर्ग कोषागार कार्यालय पहुंच रहे हैं। आयरिश और फिंगर प्रिंट में दिक्कत होने के चलते कुछ पेंशनर्स को मजबूरी में भी कोषागार आना पड़ता है। अधिक उम्र के कारण आयरिश व फिंगर प्रिंट का स्कैन नहीं हो पाता है। ऐसे पेंशनर्स के परिजन उन्हें कोषागार लाते हैं। इस परिस्थिति से बचने के लिए दूसरे तरीके का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें डाक विभाग का कर्मचारी पेंशनर्स के जीवित होने का प्रमाण जुटाकर कोषागार में जमा करता है।
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सहारा लेकर पहुंच रहे कोषागार
-बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार में 40 किलोमीटर दूर से आए उतरौला तहसील के पेहर बाजार निवासी आफाक मोहम्मद खां, 20 किलोमीटर दूर से आये मथुरा बाजार निवासी जगदंबिका प्रसाद, जोखूराम व राम सुमिरन ने बताया कि ऑनलाइन प्रमाण पत्र जमा करने में परेशान होना पड़ता है। इसलिए अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र कोषागार कार्यालय में आकर जमा कर रहे हैं।
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विभाग भी नहीं चाहता भीड़
-कोषागार विभाग का स्टाफ भी नहीं चाहता है कि पेंशनर्स वहां तक आएं। कोषागार में पहले 16 को स्टाॅफ था, लेकिन मौजूदा समय में सिर्फ छह कर्मचारी बचे हैं। ऑफलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने के बाद हर पेंशनर्स का रिकार्ड तलाशना पड़ता है, जिसमें काफी मेहनत करनी पड़ती है। ऑनलाइन में सब कुछ मिनटों में हो जाता है। कर्मचारी भी चाहते हैं पेंशनर्स घर बैठे अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कराएं।
ये हैं विकल्प
-पेंशनर्स को जीवित प्रमाण पत्र देने के छह विकल्प हैं। पहला पोर्टल, दूसरा डाकिया, तीसरा फेस ऑथेंटिकेशन, चौथा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी), पांचवां नामित अधिकारी व छठवां डोर स्टेप बैंकिंग के माध्यम से अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
-पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को घर बैठे जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा है। सभी पेंशनर्स से ऑनलाइन जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की अपील की जा रही है।
-अशोक कुमार यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी