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Balrampur News: अटल की कर्मभूमि से मिशन 2024 का आगाज करेंगे शाह

Tue, 03 Jan 2023 10:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jan 2023 10:33 PM IST
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Shah will launch Mission 2024 from Atal's workplace
बलरामपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि पर बीते लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद भाजपा की नजर यहां टिक गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 16 जनवरी को बलरामपुर से मिशन 2024 का आगाज करेंगे। वह देवीपाटन मंदिर में दर्शन करने के साथ संतों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद बलरामपुर में जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
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भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि वैसे अभी तक अधिकारिक तौर पर कोई कार्यक्रम नहीं आया है, मगर संगठनात्मक तौर पर जानकारी दी गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अटल भवन में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही जीत के लिए टिप्स भी दिए जाएंगे।
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जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस का कहना है कि गृहमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारियों को अभी से ही प्लानिंग करने को कहा गया है।
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मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष ने अन्य नेताओं के साथ छोटा परेड ग्राउंड व डीएवी इंका का भ्रमण कर प्रस्तावित जनसभा स्थल व हैलीपैड का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारी भी उनके साथ मौजूद थे। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव का कहना है कि प्रस्तावित भ्रमण की जानकारी के मद्देनजर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।
वर्ष 2019 में श्रावस्ती संसदीय सीट से गठबंधन दल के बसपा प्रत्याशी राम शिरोमणि वर्मा ने 4,41,771 वोट पाकर 5,320 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रत्याशी दद्दन मिश्र 4,36,451 वोट पाकर दूसरे नंबर पर थे। कांग्रेस के धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू 58,042 वोट पाकर तीसरे नंबर पर थे। वैसे 2014 में इस सीट से भाजपा के दद्दन मिश्र ने जीत हासिल की थी। उन्होंने सपा प्रत्याशी अतीक अहमद को हराया था।

कभी भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर वर्ष 2019 में सपा-बसपा गठबंधन के कारण भाजपा को यहां पर नुकसान उठाना पड़ा था। हालांकि जीत का अंतर महज 5320 वोट ही था। एक बार फिर नए सिरे से हार के कारणों की पड़ताल शुरू हो गई है। उन सभी बिंदुओं को केंद्र में रखकर प्लानिंग की जा रही है, जिसमें पिछली बार चूक हुई थी।
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