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Balrampur News: सीवर लाइन का काम अधूरा, कूड़ा निस्तारण में भी रोड़ा
Wed, 12 Apr 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 12 Apr 2023 11:57 PM IST
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बलरामपुर। 25 वार्डों वाली बलरामपुर नगर पालिका परिषद का सियासत में बड़ा नाम है। लेकिन विकास में यह पीछे है। शहर में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए अक्टूबर 2021 में 123 करोड़ रुपये की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना स्वीकृत हुई। काम भी शुरू हुआ। नवंबर 2022 से काम ठप है। इससे जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के निस्तारण का समुचित प्रबंध नहीं है। ऐसे में सड़क किनारे डंपिंग स्थल बनाकर उसमें कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। हालांकि अधिकारी वैकल्पिक प्रबंध करने का दावा कर रहे हैं।
70 लाख रुपये से सदभाव मंडप बनाने की योजना भी पूरी नहीं हो सकी। मात्र नींव डालकर काम को छोड़ दिया गया। ऐसे में शहरवासियों को शादी-विवाह के लिए महंगे दामों पर मैरिज हाॅल को बुक कराना पड़ता है।
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बढ़ गई मुश्किल
सीवर लाइन का काम शुरू हुआ था तो उम्मीद जगी थी कि समस्या का समाधान होगा। अब क्या कहें, मुश्किल कम होने के बजाय और बढ़ गई। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-मधुकर सिंह
कब देंगे ध्यान
शहर में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण की है। अगर आप गेल्हापुर के रास्ते से होकर नहर बालागंज की तरफ जा रहे हैं तो सड़क किनारे एकत्र कूड़े के ढेर से निकलने वाला धुआं परेशान कर सकता है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
-महंत बृजानंद
कहां मिले आराम के दो पल
भागमभाग भरी जिंदगी में शहर में कोई भी ऐसा पार्क नही है, जहां पर बैठकर दो पल आराम से बिताया जा सके। यही नहीं, शहर के चौराहों का भी अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
-राजेंद्र गुप्ता
किसी को नहीं फिक्र गोंडा रोड का निर्माण कराया गया। इसके बाद भी फुटपाथ नहीं है। यही नहीं, सड़क किनारे ही बिजली विभाग के खंभे लगे हैं। इसे हटवाया तक नहीं गया है।
-कमल नयन मौर्या
विकास को मिली नई पहचान
पहली बार ऐसा हुआ है कि बलरामपुर में सड़कों का निर्माण हाॅटमिक्स से कराया गया।। इससे लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिली है। 35 से 40 किलोमीटर तक पाइप लाइन डलवाई गई है। इससे नागरिकों को निशुल्क पेयजल कनेक्शन देने का काम किया गया। साथ ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में काफी प्रयास किए गए हैं। 17 छोटे कूड़ा स्थलों को समाप्त कर उनका सौंदर्यीकरण कराया गया है। सीवर लाइन का काम भी चल रहा है।
- किताबुन्निशा, निवर्तमान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बलरामपुर
प्रमुख समस्याएं एक नजर में
तुलसीपार्क हो या फिर तिकोनिया पार्क, दोनों का सौंदर्यीकरण नहीं हो सका। इसके अतिरिक्त चौराहों तक का सौंदर्यीकरण नहीं हो सका है।
टैक्सी स्टैंड स्थलों पर यात्रियों के लिए कोई प्रबंध नहीं है। न तो वहां पर बैठने की कोई सुविधा है न ही अन्य प्रबंध।
रोडवेज को जाने वाली सड़क जर्जर है। बारिश के समय यहां पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई मुहल्लों में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। इससे दूषित पेयजल की आपूर्ति से लोगों को दिक्कत हो रही है।
बिजली के तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। ऐसे में आए दिन तार टूटने के कारण लोगों को बिजली के संकट से दो चार होना पड़ता है।
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वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के निस्तारण का समुचित प्रबंध नहीं है। ऐसे में सड़क किनारे डंपिंग स्थल बनाकर उसमें कूड़ा एकत्र किया जा रहा है। हालांकि अधिकारी वैकल्पिक प्रबंध करने का दावा कर रहे हैं।
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70 लाख रुपये से सदभाव मंडप बनाने की योजना भी पूरी नहीं हो सकी। मात्र नींव डालकर काम को छोड़ दिया गया। ऐसे में शहरवासियों को शादी-विवाह के लिए महंगे दामों पर मैरिज हाॅल को बुक कराना पड़ता है।
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बढ़ गई मुश्किल
सीवर लाइन का काम शुरू हुआ था तो उम्मीद जगी थी कि समस्या का समाधान होगा। अब क्या कहें, मुश्किल कम होने के बजाय और बढ़ गई। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-मधुकर सिंह
कब देंगे ध्यान
शहर में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण की है। अगर आप गेल्हापुर के रास्ते से होकर नहर बालागंज की तरफ जा रहे हैं तो सड़क किनारे एकत्र कूड़े के ढेर से निकलने वाला धुआं परेशान कर सकता है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है।
-महंत बृजानंद
कहां मिले आराम के दो पल
भागमभाग भरी जिंदगी में शहर में कोई भी ऐसा पार्क नही है, जहां पर बैठकर दो पल आराम से बिताया जा सके। यही नहीं, शहर के चौराहों का भी अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
-राजेंद्र गुप्ता
किसी को नहीं फिक्र गोंडा रोड का निर्माण कराया गया। इसके बाद भी फुटपाथ नहीं है। यही नहीं, सड़क किनारे ही बिजली विभाग के खंभे लगे हैं। इसे हटवाया तक नहीं गया है।
-कमल नयन मौर्या
विकास को मिली नई पहचान
पहली बार ऐसा हुआ है कि बलरामपुर में सड़कों का निर्माण हाॅटमिक्स से कराया गया।। इससे लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिली है। 35 से 40 किलोमीटर तक पाइप लाइन डलवाई गई है। इससे नागरिकों को निशुल्क पेयजल कनेक्शन देने का काम किया गया। साथ ही शौचालयों का निर्माण कराया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में काफी प्रयास किए गए हैं। 17 छोटे कूड़ा स्थलों को समाप्त कर उनका सौंदर्यीकरण कराया गया है। सीवर लाइन का काम भी चल रहा है।
- किताबुन्निशा, निवर्तमान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बलरामपुर
प्रमुख समस्याएं एक नजर में
तुलसीपार्क हो या फिर तिकोनिया पार्क, दोनों का सौंदर्यीकरण नहीं हो सका। इसके अतिरिक्त चौराहों तक का सौंदर्यीकरण नहीं हो सका है।
टैक्सी स्टैंड स्थलों पर यात्रियों के लिए कोई प्रबंध नहीं है। न तो वहां पर बैठने की कोई सुविधा है न ही अन्य प्रबंध।
रोडवेज को जाने वाली सड़क जर्जर है। बारिश के समय यहां पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई मुहल्लों में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। इससे दूषित पेयजल की आपूर्ति से लोगों को दिक्कत हो रही है।
बिजली के तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। ऐसे में आए दिन तार टूटने के कारण लोगों को बिजली के संकट से दो चार होना पड़ता है।