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3.17 लाख विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देना कठिन

Tue, 19 Apr 2022 11:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 11:50 PM IST
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school,mid day meal
बलरामपुर। विद्यार्थियों के बच्चों के मिड-डे मील पर महंगाई का कहर टूट रहा है। महंगाई की मार ने बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का दावा हवा करा दिया है। जिले के 2221 विद्यालयों में पढ़ने वाले 3.17 लाख विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देना कठिन हो रहा है। महंगाई के दौर में विद्यार्थियों को मौसमी फल व दूध देने में प्रधानाध्यापकों के अब पसीने छूट रहे हैं। दो साल से कर्न्वजन कास्ट और छह साल से संविदा कर्मियों का मानदेय नहीं बढ़ा है, जबकि महंगाई में कई गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। इससे पहले हर साल कर्न्वजन कास्ट व संविदा कर्मियों के मानदेय में 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी की जाती रही है।
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बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्घ 2221 विद्यालयों के 3,16,849 विद्यार्थियों को मीनू के अनुसार दोपहर भोजन, मौसमी फल व दूध दिया जा रहा है, जिसमें 1549 प्राथमिक विद्यालयों के 2,31,141, 672 जूनियर हाईस्कूलों, चार राजकीय, 12 एडेड, 19 इंटर कालेजों, 25 मदरसों व दो संस्कृत विद्यालयों के 85,753 विद्यार्थी शामिल हैं। महंगाई के दौर में विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन के साथ मौसमी फल व दूध देना मुश्किल हो रहा है। वर्ष 2016 से एमडीएम सेल में कार्य करने वाले जिला समन्वयक व कंप्यूटर आपरेटर के मानेदय में बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। छह साल बाद भी जिला समन्वयक को 29,284 रुपये और कंप्यूटर आपरेटर को 14,642 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है। इससे पहले मानदेय में हर साल 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी की जाती रही है। पहले एमडीएम के कनवर्जन कास्ट में हर साल 10 फीसदी बढ़ोत्तरी की जाती रही है। वर्ष 2020 से अब तक एमडीएम के कनवर्जन कास्ट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। प्राथमिक में 4.97 रुपये और जूनियर में 7.45 रुपये प्रति छात्र की दर से मध्यान्ह् भोजन पर खर्च किया जा रहा है। ऊपर से कन्वर्जन कास्ट में दूध का रेट भी जोड़ दिया गया है।
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इधर, मौसमी फल का रेट वर्ष 2014 से नहीं बढ़ाया गया है। मौसमी फल के लिए चार रुपये प्रति छात्र की दर से दिया जा रहा है। प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक व संयुक्त मंत्री शिव कुमार सोनी का कहना है कि महंगाई के दौर में चार रुपये प्रति छात्र की दर से कोई भी मौसमी फल खरीदा नहीं जा सकता है। मौसमी फल का रेट बाजार में 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर कम नहीं है। दूध भी 40 से 50 रुपये प्रति लीटर की दर मिल रहा है। मौसमी सब्जियां भी आसमान छू रही हैं। सब्जियों के रेट भी कनवर्जन कास्ट में फिट नहीं बैठ रहे हैं। (संवाद)
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प्रति छात्र की दर से निर्धारित वर्ष 2020 का साप्ताहिक मीनू
सोमवार-रोटी-सोयाबीन/दाल की बड़ी युक्त सब्जी
मंगलवार- चावल-दाल
बुधवार- तहरी व दूध (प्राथमिक में 150 मिलीलीटर व जूनियर में 200 मिली लीटर)
गुरुवार- रोटी-दाल
शुक्रवार- तहरी
शनिवार- चावल सोयाबीन युक्त सब्जी
शासन को भेजा गया प्रस्ताव
बढ़ती महंगाई को देखते हुए जिला समन्वयक एमडीएम फिरोज अहमद के माध्यम से मानदेय व कनवर्जन कास्ट में बढ़ोत्तरी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विद्यार्थियों को निर्धारित मीनू के अनुसार मध्यान्ह् भोजन, मौसमी फल व दूध देने का निर्देश दिया गया है। डॉ. रामचंद्र, बीएसए
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