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अनुसूचित जाति के गरीबों को मिलेगा योजना का लाभ
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बलरामपुर। अनुसूचित जाति के गरीब बेरोजगारों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने कमर कस ली है। ग्रामीण क्षेत्र में 46,068 व शहरी क्षेत्र में 56,480 रुपये वार्षिक आय वाले गरीब बेरोजगारों को कारोबार करने के लिए 20 हजार से लेकर 15 लाख रुपये तक बैकों से ऋण दिलाए जाएंगे। 30 नवंबर तक आवेदन करने वालों को चार योजनाओं का लाभ मिलेगा। शासन स्तर से कर्ज अदायगी के लिए चारों योजनाओं में अलग-अलग शर्तें निर्धारित की गई हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बेरोजगारों के सपनों को पंख लगाने की तैयारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये व शहरी क्षेत्र में 56,480 रुपये सालाना आमदनी वाले बेरोजगारों के आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने योजनाएं संचालित की हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के तहत निजी भूमि पर दुकान निर्माण, अनुसूचित जाति के लिए लॉड्री व ड्राई क्लीनिक योजना संचालित है। योजनाओं में 20 हजार से 15 लाख रुपये तक के ऋण जिले के सभी बैंकों के माध्यम से बेरोजगारों को स्वरोजगार करने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
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दुकान निर्माण के व्यवसायिक स्थल पर निजी भूमि 140 वर्ग फीट होना अनिवार्य है जिसे पर 10 हजार रुपये और ब्याजमुक्त 68 हजार रुपये 10 वर्ष में अदा करने के लिए दिए जाएंगे। लॉड्री व ड्राई क्लीनिक योजनाओं में एक लाख से 2.16 लाख लागत वाली परियोजना लगाने के लिए दिए जाएंगे।
लॉड्री व ड्राई क्लीनिक योजना पहले धोबी के लिए थी। अब प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति के लिए कर दिया है। टेलरिंग शॉप योजना में 20 हजार रुपये दो मशीन सेट दी जाएगी जिसमें 10 हजार की अदायगी तीन वर्षों तक ब्याज रहित है। चारों योजनाओं में 10 हजार रुपये शासकीय अनुदान दिए जाएंगे।
आय व जाति प्रमाण पत्रों के साथ आधार व मोबाइल नंबर लगाकर 30 नवंबर तक विकास भवन स्थित अनुसूचित जाति वित्त व विकास निगम कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने शुक्रवार को बताया कि अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले बेरोजगारों के सपनों को पंख लगाने की तैयारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये व शहरी क्षेत्र में 56,480 रुपये सालाना आमदनी वाले बेरोजगारों के आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने योजनाएं संचालित की हैं।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के तहत निजी भूमि पर दुकान निर्माण, अनुसूचित जाति के लिए लॉड्री व ड्राई क्लीनिक योजना संचालित है। योजनाओं में 20 हजार से 15 लाख रुपये तक के ऋण जिले के सभी बैंकों के माध्यम से बेरोजगारों को स्वरोजगार करने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
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दुकान निर्माण के व्यवसायिक स्थल पर निजी भूमि 140 वर्ग फीट होना अनिवार्य है जिसे पर 10 हजार रुपये और ब्याजमुक्त 68 हजार रुपये 10 वर्ष में अदा करने के लिए दिए जाएंगे। लॉड्री व ड्राई क्लीनिक योजनाओं में एक लाख से 2.16 लाख लागत वाली परियोजना लगाने के लिए दिए जाएंगे।
लॉड्री व ड्राई क्लीनिक योजना पहले धोबी के लिए थी। अब प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति के लिए कर दिया है। टेलरिंग शॉप योजना में 20 हजार रुपये दो मशीन सेट दी जाएगी जिसमें 10 हजार की अदायगी तीन वर्षों तक ब्याज रहित है। चारों योजनाओं में 10 हजार रुपये शासकीय अनुदान दिए जाएंगे।
आय व जाति प्रमाण पत्रों के साथ आधार व मोबाइल नंबर लगाकर 30 नवंबर तक विकास भवन स्थित अनुसूचित जाति वित्त व विकास निगम कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग ब्लॉक कार्यालय या ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।