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मनरेगा श्रमिकों की 1.29 करोड़ रुपये मजदूरी फंसी
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बलरामपुर। जिले के नौ ब्लॉकों में पांच फरवरी से मनरेगा योजना में काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी का 1.29 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। इससे मनरेगा श्रमिकों में आक्रोश है। श्रमिकों ने डीएम से मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है। शीघ्र भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिले के सभी नौ ब्लॉकों में मनरेगा योजना के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को चार फरवरी तक उनके मजदूरी का भुगतान किया गया है। पांच फरवरी से अब तक मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी के रुप में फूटी कौड़ी नहीं दी गई है। पचपेड़वा ब्लॉक में मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का सबसे अधिक पैसा फंसा हुआ है।
यहां के मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी का 48 लाख 13 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। दूसरे नंबर पर हरैया सतघरवा ब्लॉक है जहां पर मनरेगा श्रमिकों को काम के बदले 20 लाख 76 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। तीसरे नंबर पर तुलसीपुर ब्लॉक है जहां मनरेगा श्रमिकों को 19 लाख 66 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान होना है। चौथे नंबर पर गैसड़ी ब्लॉक है जहां मनरेेगा श्रमिकों को 15 लाख 55 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है।
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श्रीदत्तगंज ब्लॉक में तीन लाख छह हजार रुपये, उतरौला ब्लॉक में पांच लाख 73 हजार रुपये, सदर ब्लॉक में सात लाख 57 हजार रुपये, गेड़ास बुजुर्ग ब्लॉक में एक लाख 63 हजार रुपये व रेहरा बाजार ब्लॉक में सात लाख 17 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान किया जाना है। मनरेगा श्रमिक बड़का, राजू, मनोहर, सुशीला, शकुंतला, मनोरथ, पदुमनाथ, पारस, दूधनाथ व छोटका आदि ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर मजदूरी का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है जिससे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण हो सके। मनरेगा मजदूरी का शीघ्र भुगतान न होने पर श्रमिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
शासन स्तर से होना है भुगतान
श्रमिकों का भुगतान शासन स्तर से रुका हुआ है। मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान कराने के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से शीघ्र ही सभी श्रमिकों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से उनके मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। - महेंद्र देव पांडेय, डीसी मनरेगा
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जिले के सभी नौ ब्लॉकों में मनरेगा योजना के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को चार फरवरी तक उनके मजदूरी का भुगतान किया गया है। पांच फरवरी से अब तक मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी के रुप में फूटी कौड़ी नहीं दी गई है। पचपेड़वा ब्लॉक में मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का सबसे अधिक पैसा फंसा हुआ है।
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यहां के मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी का 48 लाख 13 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। दूसरे नंबर पर हरैया सतघरवा ब्लॉक है जहां पर मनरेगा श्रमिकों को काम के बदले 20 लाख 76 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। तीसरे नंबर पर तुलसीपुर ब्लॉक है जहां मनरेगा श्रमिकों को 19 लाख 66 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान होना है। चौथे नंबर पर गैसड़ी ब्लॉक है जहां मनरेेगा श्रमिकों को 15 लाख 55 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है।
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श्रीदत्तगंज ब्लॉक में तीन लाख छह हजार रुपये, उतरौला ब्लॉक में पांच लाख 73 हजार रुपये, सदर ब्लॉक में सात लाख 57 हजार रुपये, गेड़ास बुजुर्ग ब्लॉक में एक लाख 63 हजार रुपये व रेहरा बाजार ब्लॉक में सात लाख 17 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान किया जाना है। मनरेगा श्रमिक बड़का, राजू, मनोहर, सुशीला, शकुंतला, मनोरथ, पदुमनाथ, पारस, दूधनाथ व छोटका आदि ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर मजदूरी का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है जिससे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण हो सके। मनरेगा मजदूरी का शीघ्र भुगतान न होने पर श्रमिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
शासन स्तर से होना है भुगतान
श्रमिकों का भुगतान शासन स्तर से रुका हुआ है। मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान कराने के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से शीघ्र ही सभी श्रमिकों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से उनके मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। - महेंद्र देव पांडेय, डीसी मनरेगा