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Balrampur News: स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जाएगा सड़क सुरक्षा का पाठ
Sat, 06 Jan 2024 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 06 Jan 2024 11:46 PM IST
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बलरामपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित विद्यालयों के पाठ्यक्रम में अब सड़क सुरक्षा से जुड़ा पाठ्यक्रम भी शामिल होगा। इसके माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के साथ ही सड़क सुरक्षा के नियमों का पाठ पढ़ाकर रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक बनाया जाएगा। इसके साथ ही हर विद्यालय में कक्षावार स्तर पर बच्चों के लिए रोड सेफ्टी क्लब का भी गठन होगा।
इसका उद्देश्य नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकने के साथ ही सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक बनाना है। इसके साथ ही पुलिस अफसरों के साथ ही विशेषज्ञ भी समय समय पर विद्यालयों में आकर सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी विद्यार्थियों को देकर उन्हें जागरूक बनाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब के गठन की कवायद तेज हो गई है। स्कूलों की हर कक्षा में एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन बनाया जाएगा।
कैप्टन की ओर से बच्चों को सड़क सुरक्षा विषय के प्रति जागरूक बनाने के लिए हर सप्ताह एक कक्षा आयोजित होगी। इसमें विद्यालय प्रबंधन के साथ ही परिवहन विभाग भी हिस्सेदारी कर बच्चों को इस बात के लिए जागरूक किया जाएगा कि वह खुद के साथ अपने अभिभावकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सके। इसके लिए हर तीन माह के अंतराल पर विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की एक बैठक भी अनिवार्य तौर पर होगी।
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सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए शासन ने 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं के स्कूटी, मोटरसाइकिल अथवा कार चलाकर स्कूल आने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है। फिलहाल 50 सीसी से कम क्षमता वाले बाइक को ही इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इसके उल्लंघन पर अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
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इसका उद्देश्य नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकने के साथ ही सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक बनाना है। इसके साथ ही पुलिस अफसरों के साथ ही विशेषज्ञ भी समय समय पर विद्यालयों में आकर सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी विद्यार्थियों को देकर उन्हें जागरूक बनाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक गोविंद राम ने बताया कि स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब के गठन की कवायद तेज हो गई है। स्कूलों की हर कक्षा में एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन बनाया जाएगा।
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कैप्टन की ओर से बच्चों को सड़क सुरक्षा विषय के प्रति जागरूक बनाने के लिए हर सप्ताह एक कक्षा आयोजित होगी। इसमें विद्यालय प्रबंधन के साथ ही परिवहन विभाग भी हिस्सेदारी कर बच्चों को इस बात के लिए जागरूक किया जाएगा कि वह खुद के साथ अपने अभिभावकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सके। इसके लिए हर तीन माह के अंतराल पर विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की एक बैठक भी अनिवार्य तौर पर होगी।
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सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए शासन ने 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं के स्कूटी, मोटरसाइकिल अथवा कार चलाकर स्कूल आने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है। फिलहाल 50 सीसी से कम क्षमता वाले बाइक को ही इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। इसके उल्लंघन पर अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।