{"_id":"6156002e8ebc3ea78043aded","slug":"rice-balrampur-news-lko5980345120","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान बेचने वाले किसानों को लगाना होगा अंगूठा 18-52-11","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान बेचने वाले किसानों को लगाना होगा अंगूठा 18-52-11
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। धान बेचने वाले किसानों का ई-पॉप मशीनों पर अंगूठा लगेगा। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीनों से धान की खरीदारी कर बिचौलियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। एक नवंबर से 28 फरवरी तक जिले के 26 क्रय केंद्रों पर चार क्रय एजेंसियां धान खरीदेंगी। क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से सीधे भुगतान किया जाएगा। जिले में भारी बारिश व खेतों में बाढ़ का पानी कई दिनों तक टिकने से धान की आधी फसल तबाह हो गई है, इसके चलते पैदावार में गिरावट आई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में एक नवंबर से धान की खरीदारी करने के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले में 26 क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीनों को लगाने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर धान बेचने वाले किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। जिले के तीनों तहसीलों में अब तक 300 से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है।
मूल्य समर्थन योजना का लाभ पाने के लिए सभी किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से क्रय केंद्रों पर पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद धान खरीदा जाएगा। अंगूठा मैच न होने पर धान नहीं बेच सकेंगे। मोबाइल व आधार नंबर लिंक होना चाहिए तभी बेचे गए धान का आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान संभव हो सकेगा। क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले धान में कम से कम 67 प्रतिशत चावल निकलना अनिवार्य किया गया है। इस बार शासन ने 72 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत बढ़ाई है। क्रय केंद्रों पर कामन धान बेचने वाले किसानों को 1940 रुपये व ग्रेड-ए पर 1960 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान होगा। सप्ताह में चार दिन सोमवार से गुरुवार तक एक किसान से अधिकतम 50 क्विंटल धान खरीदा जाएगा और शुक्रवार व शनिवार को किसान 50 क्विंटल से अधिक धान बेंच सकेंगे। किसानों का कहना है कि इस बार जिले में भारी बारिश व बाढ़ से जलजमाव वाले क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक धान की फसल तबाह हो गई है। ऐसे में किसानों को धान बेचने के बजाय खाने का इंतजाम करना पड़ेगा।
विज्ञापन
धान खरीदने की हो रही तैयारियां
- जिले में 26 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। चार एजेंसियां खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस व भारतीय खाद्य निगम के सभी 26 क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीनों से धान खरीदा जाएगा। सभी क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीनों से धान खरीद होने से बिचौलियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। धान बेचने वाले किसानों को टोकन दिया जाएगा। खाद्य विभाग के पोर्टल पर सभी किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ
एडीएम बने प्रभारी अधिकारी
-एडीएम राम अभिलाष को धान खरीद का प्रभारी अधिकारी नामित कर दिया गया है। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से शुरु होने वाली धान खरीद में आने वाले सभी शिकायतों का निस्तारण एडीएम कराएंगे। तीनों तहसीलों के एसडीएम को सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण में फीड हुए रकबे का सत्यापन करने का जिम्मा सौंपा गया है। श्रुति, डीएम
विज्ञापन
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में एक नवंबर से धान की खरीदारी करने के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले में 26 क्रय केंद्रों पर ई-पॉश मशीनों को लगाने के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर धान बेचने वाले किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। जिले के तीनों तहसीलों में अब तक 300 से अधिक किसानों ने पंजीकरण करा लिया है।
विज्ञापन
मूल्य समर्थन योजना का लाभ पाने के लिए सभी किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से क्रय केंद्रों पर पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद धान खरीदा जाएगा। अंगूठा मैच न होने पर धान नहीं बेच सकेंगे। मोबाइल व आधार नंबर लिंक होना चाहिए तभी बेचे गए धान का आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान संभव हो सकेगा। क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले धान में कम से कम 67 प्रतिशत चावल निकलना अनिवार्य किया गया है। इस बार शासन ने 72 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत बढ़ाई है। क्रय केंद्रों पर कामन धान बेचने वाले किसानों को 1940 रुपये व ग्रेड-ए पर 1960 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान होगा। सप्ताह में चार दिन सोमवार से गुरुवार तक एक किसान से अधिकतम 50 क्विंटल धान खरीदा जाएगा और शुक्रवार व शनिवार को किसान 50 क्विंटल से अधिक धान बेंच सकेंगे। किसानों का कहना है कि इस बार जिले में भारी बारिश व बाढ़ से जलजमाव वाले क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक धान की फसल तबाह हो गई है। ऐसे में किसानों को धान बेचने के बजाय खाने का इंतजाम करना पड़ेगा।
विज्ञापन
धान खरीदने की हो रही तैयारियां
- जिले में 26 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। चार एजेंसियां खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस व भारतीय खाद्य निगम के सभी 26 क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीनों से धान खरीदा जाएगा। सभी क्रय केंद्रों पर ई-पॉप मशीनों से धान खरीद होने से बिचौलियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। धान बेचने वाले किसानों को टोकन दिया जाएगा। खाद्य विभाग के पोर्टल पर सभी किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ
एडीएम बने प्रभारी अधिकारी
-एडीएम राम अभिलाष को धान खरीद का प्रभारी अधिकारी नामित कर दिया गया है। जिले के सभी क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से शुरु होने वाली धान खरीद में आने वाले सभी शिकायतों का निस्तारण एडीएम कराएंगे। तीनों तहसीलों के एसडीएम को सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण में फीड हुए रकबे का सत्यापन करने का जिम्मा सौंपा गया है। श्रुति, डीएम