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Balrampur News: राप्ती का जलस्तर बढ़ा, 20 गांवों के लोग सहमे

Wed, 22 Jul 2026 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Wed, 22 Jul 2026 10:56 PM IST
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Rapti water level rises, people of 20 villages scared

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ललिया। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में एक बार फिर बाढ़ की आशंका गहरा गई है। नदी किनारे बसे गांवों के लोग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो निचले इलाकों में फिर से बाढ़ का पानी फैल सकता है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।



राप्ती नदी के किनारे बसे गंगाबख्श भांगड़, चौका कला, लालपुर फगुईया, गोसाई पुरवा, साहिबा नगर और चेतरा पुरवा गांव हर वर्ष बाढ़ की मार झेलते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही खेतों में पानी भरने, संपर्क मार्ग टूटने और आवागमन बाधित होने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्राम सभा बनघुसरी के इटहिया गांव में हाल की बाढ़ के दौरान हैगहा पहाड़ी नाले में गांव का मुख्य संपर्क मार्ग कट जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूली बच्चों के विद्यालय पहुंचने और ग्रामीणों के दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उधर, रामगढ़ मैटहवा गांव में बाढ़ का पानी घटने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। कंपोजिट विद्यालय परिसर में अब भी जलभराव बना हुआ है, जिससे विद्यालय की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समुचित निकासी नहीं होगी, तब तक स्थिति सामान्य होना मुश्किल है। (संवाद)
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सुबह बूंदाबांदी दोपहर में खिली धूप, बढ़ी उमस







मौसम का मिजाज फिर बदला नजर आया। बुधवार सुबह हुई बूंदाबांदी से दिन की शुरुआत ठंडी और सुहावनी रही लेकिन दोपहर में निकली तेज धूप के बाद बढ़ी उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिले दिखे। किसान गन्ने और धान की फसल में खाद का छिड़का करने में जुटे हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि जिले में दोपहर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, लेकिन उमस की वजह से लोगों को गर्मी ज्यादा महसूस हुई। वहीं खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानाें ने धान की रोपाई तेज कर दी है।
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