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Balrampur News: 20 गांवों में राप्ती की कटान का कहर
Mon, 12 Aug 2024 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 12 Aug 2024 11:26 PM IST
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बलरामपुर के ललिया क्षेत्र में राप्ती की नदी में कट रहा खेत।-संवाद
सदर व उतरौला तहसील के लोगों को बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर घटते ही कटान तेज हो गई है। नदी ने तटवर्ती इलाकों में बसे 20 से अधिक गांवों की जमीनों को निगलना शुरू कर दिया है। कटान प्रभावित गांवों में क्षेत्रीय लेखपालों को निगरानी कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
राप्ती नदी का जलस्तर सोमवार को चेतावनी बिंदु के 103.620 मीटर के सापेक्ष 103.570 मीटर रहा। चेतावनी बिंदु से राप्ती नदी का जलस्तर 0.050 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का जलस्तर धीमी गति से घट रहा है। जलस्तर घटते ही राप्ती में कटान का कहर तेज हो गया है।
सदर व उतरौला तहसीलों में राप्ती के तटवर्ती इलाकों में बसे ग्राम चौका कला, गंगा बक्स भागड़, साहिबानगर, लालपुर फगुइया, पाठकपुरवा, गुलाम पुरवा, बेलहा, चरनगहिया, रामपुर, घोसियार, कुड़ऊ, बौड़िहार व गोनकोट सहित 20 से अधिक गांवों में कटान तेज हो गई है। साहिबानगर में कई घर राप्ती नदी में समाहित हो चुके हैं। वहीं मझौव्वा व ढोंढरी गांवों के भी पास कटान हो रही है।
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कटान प्रभावित क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। राप्ती नदी की कटान से खेतों में लगी धान, मक्का, अरहर व गन्ने की फसलें कट रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने शासन-प्रशासन से राप्ती नदी से होने वाले कटान प्रभावित गांवों के पास कटानरोधी कार्य कराए जाने की मांग की है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार ने बताया कि कटान प्रभावित गांवों का निरीक्षण कराया जा रहा है। मौके पर मौजूद कटान पीड़ितों से वार्ता कर नुकसान के बारे में ब्योरा जुटाया गया है। राप्ती नदी के कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लेखपालों को कटान प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। राप्ती नदी का जलस्तर घटते ही कटान तेज हो गई है। नदी ने तटवर्ती इलाकों में बसे 20 से अधिक गांवों की जमीनों को निगलना शुरू कर दिया है। कटान प्रभावित गांवों में क्षेत्रीय लेखपालों को निगरानी कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
राप्ती नदी का जलस्तर सोमवार को चेतावनी बिंदु के 103.620 मीटर के सापेक्ष 103.570 मीटर रहा। चेतावनी बिंदु से राप्ती नदी का जलस्तर 0.050 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का जलस्तर धीमी गति से घट रहा है। जलस्तर घटते ही राप्ती में कटान का कहर तेज हो गया है।
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सदर व उतरौला तहसीलों में राप्ती के तटवर्ती इलाकों में बसे ग्राम चौका कला, गंगा बक्स भागड़, साहिबानगर, लालपुर फगुइया, पाठकपुरवा, गुलाम पुरवा, बेलहा, चरनगहिया, रामपुर, घोसियार, कुड़ऊ, बौड़िहार व गोनकोट सहित 20 से अधिक गांवों में कटान तेज हो गई है। साहिबानगर में कई घर राप्ती नदी में समाहित हो चुके हैं। वहीं मझौव्वा व ढोंढरी गांवों के भी पास कटान हो रही है।
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कटान प्रभावित क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। राप्ती नदी की कटान से खेतों में लगी धान, मक्का, अरहर व गन्ने की फसलें कट रही है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने शासन-प्रशासन से राप्ती नदी से होने वाले कटान प्रभावित गांवों के पास कटानरोधी कार्य कराए जाने की मांग की है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार ने बताया कि कटान प्रभावित गांवों का निरीक्षण कराया जा रहा है। मौके पर मौजूद कटान पीड़ितों से वार्ता कर नुकसान के बारे में ब्योरा जुटाया गया है। राप्ती नदी के कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लेखपालों को कटान प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।