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खतरे के निशान से 46 सेमी ऊपर पहुंची राप्ती
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बलरामपुर के गौरा चौराहा-सेवरहा गांव की तरफ बाढ़ के पानी से होकर जाती महिलाएं।
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते जिले में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 104.620 मीटर से 46 सेमी ऊपर 105.080 मीटर पर पहुंच गया है। नदी का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
तटवर्ती कई गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग बांध पर तिरपाल डालकर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों के समक्ष भोजन-पानी की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया है।
विगत दो दिनों से बारिश रुकने के बाद पहाड़ी नालों का उफान अभी पूरी तरह से थमा भी नहीं था कि नेपाली पानी के चलते राप्ती नदी ने तबाही मचानी शुरु कर दी है।
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बाढ़ के चलते लालपुर फगुइया, जबदहा, जबदही, टेंगनहिया मानकोट, ढोढ़री, सेमरना, मन्नीपुर टिकुइया,6जलीपुर, रामनगर, कटराशंकरनगर, नरायनपुर मझारी, मनियारिया, रजवापुर, भोजपुर, लखना, भगनाजोत, बभनपुरवा, समगरा, मदारा, दुर्गापुर, चंदापुर, परसोना, फत्तेजोत, लालाजोत व मटियरियाकर्मा सहित करीब 30 गांव में बाढ़ का पानी भरना शुरु हो गया है।
रजवापुर गांव के लोग घर छोड़कर बांध पर शरण लिए हुए हैं। घरों में रखा अनाज व घर गृहस्थी का सामान भीग गया है। बाढ़ के चलते इन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान, गन्ना व दलहनी फसले भी जलमग्न हो गई है। रमवापुर के लोगों के समक्ष भोजन-पानी का संकट उत्पन्न हो गया है।
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तटवर्ती कई गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। लोग बांध पर तिरपाल डालकर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों के समक्ष भोजन-पानी की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया है।
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विगत दो दिनों से बारिश रुकने के बाद पहाड़ी नालों का उफान अभी पूरी तरह से थमा भी नहीं था कि नेपाली पानी के चलते राप्ती नदी ने तबाही मचानी शुरु कर दी है।
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बाढ़ के चलते लालपुर फगुइया, जबदहा, जबदही, टेंगनहिया मानकोट, ढोढ़री, सेमरना, मन्नीपुर टिकुइया,6जलीपुर, रामनगर, कटराशंकरनगर, नरायनपुर मझारी, मनियारिया, रजवापुर, भोजपुर, लखना, भगनाजोत, बभनपुरवा, समगरा, मदारा, दुर्गापुर, चंदापुर, परसोना, फत्तेजोत, लालाजोत व मटियरियाकर्मा सहित करीब 30 गांव में बाढ़ का पानी भरना शुरु हो गया है।
रजवापुर गांव के लोग घर छोड़कर बांध पर शरण लिए हुए हैं। घरों में रखा अनाज व घर गृहस्थी का सामान भीग गया है। बाढ़ के चलते इन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान, गन्ना व दलहनी फसले भी जलमग्न हो गई है। रमवापुर के लोगों के समक्ष भोजन-पानी का संकट उत्पन्न हो गया है।