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Balrampur News: शिकायत करने पर नाम उजागर करने से बढ़ीं मुश्किलें

Sat, 18 Apr 2026 10:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 10:50 PM IST
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Problems increased after revealing the name upon complaining
बलरामपुर के ग्राम मदरहवा के पास जंगल में लगी आग से झुलसे हुए नए पौधे ।-फाइल फोटो
जरवा। ग्राम नगई के मजरा बसईडीह निवासी गुलाम जिलानी खान के लिए जंगल में जले पौधों की शिकायत करना मुसीबत का कारण बन गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद उनका नाम सार्वजनिक कर दिया गया, जिसके चलते उसे गांव के लोगों और वनकर्मियों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। अब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
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गुलाम जिलानी खान के अनुसार, बीते दिनों वह जंगल की ओर गए थे, जहां एक बीघा क्षेत्र में लगाए गए पौधे जले हुए मिले। इसे सरकारी धन के दुरुपयोग से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि विभाग हर वर्ष बड़े स्तर पर पौधरोपण का दावा करती है, लेकिन निगरानी के अभाव में पौधे या तो मवेशियों द्वारा नष्ट कर दिए जाते हैं या आग की भेंट चढ़ जाते हैं।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बाद दो वनकर्मी उनके घर पहुंचे और दोबारा शिकायत न करने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, गांव के अन्य लोगों को उसकी शिकायत की जानकारी देकर उनके खिलाफ माहौल भी तैयार किया गया। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे वह और उसका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। आहत होकर गुलाम जिलानी खान ने जनसुनवाई एंटी करप्शन पोर्टल पर दूसरी शिकायत दर्ज कराई है और पूरे प्रकरण की जानकारी पुलिस अधीक्षक को भी दी है। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ सरकारी संपत्ति के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक जागरूक नागरिक की आवाज दबाने का प्रयास भी है। (संवाद)
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शिकायत पर ली गई थी जानकारी
वहीं, तुलसीपुर रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी अमरजीत प्रसाद ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर स्टाफ द्वारा शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया था, लेकिन किसी प्रकार की धमकी या पहचान उजागर करने का आरोप गलत है। बताया कि विभाग के पास आग बुझाने के लिए टैंकर की व्यवस्था है और जरूरत पड़ने पर दमकल की भी सहायता ली जाती है। जहां भी आग लगने की सूचना मिलती है, वहां एक से दो घंटे के भीतर स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया जाता है।


पिछले वर्ष नौ लाख पौधे लगे, इस बार जून में होगा पौधरोपण
वर्ष 2025-26 में करीब नौ लाख पौधे वन विभाग ने लगाए हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पौधों की सुरक्षा के लिए प्रबंध किए गए हैं। इसके बाद भी 20 फीसदी के करीब पौधे प्रभावित होते हैं। इस वर्ष जून माह में पौधरोपण अभियान चलेगा। जिसमें बड़े पैमाने पर पौधरोपण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

नाम उजागर करना गलत, शिकायत पर करनी चाहिए कार्रवाई
किसी मामले की शिकायत पर संबंधित विभाग को जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए। कार्रवाई करने के बजाय शिकायत करने वाले पर दबाव बनाना या फिर नाम लोगों के बीच उजागर करना गलत है। इस तरह का काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायतों को सकारात्मक ढंग से लेना चाहिए।
- राम बहादुर, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी व पूर्व सचिव उत्तर प्रदेश शासन
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