{"_id":"616b0c2f694218360c618c97","slug":"prevent-infectious-diseases-by-washing-hands-with-soap-balrampur-news-lko6002888136","type":"story","status":"publish","title_hn":"साबुन से हाथ धुलकर संक्रामक बीमारियों से करें बचाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साबुन से हाथ धुलकर संक्रामक बीमारियों से करें बचाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। साबुन से हाथ धुलकर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है। ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर बीते दिन जिले भर में साबुन से हाथ धोने का अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लोगों को हाथ की गंदगी से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया। बच्चों का साबुन से हाथ धुलाकर डायरिया, निमोनिया व सांस की बीमारियों से बचने के सुझाव दिए गए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. एके सिंहल व अपर सीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने शनिवार को बताया कि 15 अक्तूबर को जिले भर में ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर कार्यक्रम कराए गए। कार्यक्रम के दौरान लोगों को हाथ की गंदगी से होने वाली संक्रामक बीमारियों के बारे में बताया गया।
भोजन करने से पहले व बाद में, शौच के बाद, नवजात शिशुओं को हाथ लगाने से पहले, खांसने व छींकने के बाद, बीमार व्यक्तियों की देखभाल के बाद और कूड़ा कचरा उठाने के बाद कम से कम 40 सेंकेड तक साबुन से अच्छी तरह हाथ धुलना चाहिए।
विज्ञापन
बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरुक करें तभी स्वस्थ समाज की स्थापना की जा सकती है। पांच वर्ष तक के बच्चों की 17 प्रतिशत निमोनिया व 13 प्रतिशत डायरिया से मौत होती है। बच्चों में साफ-सफाई की आदत डालें। कोई वस्तु व सतह को छूने के बाद हाथों को तत्काल सैनिटाइज करें तभी संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
विज्ञापन
डिप्टी सीएमओ डॉ. एके सिंहल व अपर सीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने शनिवार को बताया कि 15 अक्तूबर को जिले भर में ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर कार्यक्रम कराए गए। कार्यक्रम के दौरान लोगों को हाथ की गंदगी से होने वाली संक्रामक बीमारियों के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
भोजन करने से पहले व बाद में, शौच के बाद, नवजात शिशुओं को हाथ लगाने से पहले, खांसने व छींकने के बाद, बीमार व्यक्तियों की देखभाल के बाद और कूड़ा कचरा उठाने के बाद कम से कम 40 सेंकेड तक साबुन से अच्छी तरह हाथ धुलना चाहिए।
विज्ञापन
बच्चों को साफ-सफाई के प्रति जागरुक करें तभी स्वस्थ समाज की स्थापना की जा सकती है। पांच वर्ष तक के बच्चों की 17 प्रतिशत निमोनिया व 13 प्रतिशत डायरिया से मौत होती है। बच्चों में साफ-सफाई की आदत डालें। कोई वस्तु व सतह को छूने के बाद हाथों को तत्काल सैनिटाइज करें तभी संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।