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Balrampur News: प्रसूताओं को नहीं मिल रहा भोजन व नाश्ता

Sun, 26 Feb 2023 10:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sun, 26 Feb 2023 10:45 PM IST
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Pregnant women are not getting food and snacks
बलरामपुर। अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूताओं को पौष्टिक आहार व भोजन देने के लिए शुरू किया गया जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) जिले में दम तोड़ता दिख रहा है। सदर ब्लॉक में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोकहिया में प्रसूताओं को नाश्ता, भोजन व फल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सामान्य प्रसव के बाद परिजन प्रसूताओं को घर से खाना लाकर खिलाते हैं मगर जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता को सुबह पौष्टिक नाश्ता, दोपहर में भोजन, शाम को चाय व बिस्किट तथा रात्रि में खाना देने का नियम है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को एक प्रसूता के लिए 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान होता है।
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सदर ब्लॉक के गंगापुर निवासी कृपाशंकर 25 फरवरी की भोर प्रसव पीड़ा में कराह रही बहू गुड़िया (24) को लेकर पीएचसी जोकहिया पहुंचे। सुबह 07:20 बजे सामान्य प्रसव से गुड़िया ने बच्चे को जन्म दिया। शाम करीब पांच बजे उसे घर भेज दिया गया। ससुर ने बताया कि पूरे दिन अस्पताल में खाने-पीने को कुछ नहीं मिला। बहू को बाहर से लाकर चाय पिलायी।
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विशुनीपुर गांव निवासी अलीमुनिशा 24 फरवरी को प्रसव के लिए जोकहिया पीएचसी पहुंची। जहां सामान्य प्रसव हुआ। इसके बाद जच्चा-बच्चा को छुट्टी दे दी गई, लेकिन नाश्ता व खाने के नाम पर कुछ नहीं मिला। परिजन मोहम्मद ख्वाजा ने बताया कि घर से खाना लाकर खिलाया है।
पीएचसी जोकहिया में प्रसूताओं को नाश्ता व भोजन मुहैया कराने की जिम्मेदारी देवी महिला स्वयं सहायता समूह को मिली है। संस्था के सदस्य प्रमोद कुमार बताते हैं कि अस्पताल में कभी-कभार ही प्रसव होता है। इस वजह से वहां भोजन बनाने के लिए कोई कर्मचारी नहीं रखा गया है। दो मरीज होने पर अस्पताल से फोन आता है तब दोपहर एक से डेढ़ बजे के बीच मरीजों को भोजन दिया जाता है।


पीएचसी जोकहिया के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद का कहना है कि अस्पताल में प्रसव कम होने के कारण कोई स्वयं सहायता समूह यहां भोजन सप्लाई करने को तैयार नहीं होता है। जिला प्रशासन ने महिला अस्पताल की संस्था को ही जोकहिया पीएचसी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है। सभी मरीजों को भोजन व नाश्ता मुहैया कराने का निर्देश संस्था को दिया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी। जितनी प्रसूताओं को भोजन दिया गया है, उतना ही भुगतान समूह को किया जाएगा।
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