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निजीकरण के विरोध में उतरे बिजली कर्मचारी
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बलरामपुर। निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सभी संवर्ग के कर्मचारियों ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। विद्युत वितरण खंड बलरामपुर कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ धरना देकर आरपार की लड़ाई का एलान किया।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिलाध्यक्ष इंजीनियर प्रवेश कुमार ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि अवर अभियंताओं व प्रोन्नत अभियंताओं की समस्याओं के साथ-साथ निजीकरण को लेकर भी आंदोलन शुरू किया गया है। अपराह्न तीन से सायं पांच बजे तक निजीकरण व अन्य मांगों को लेकर विरोध जताया जा रहा है।
ऊर्जा प्रबंधन की तरफ से कर्मचारियों के हित में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी न किए जाने से अवर अभियंताओं व प्रोन्नत अभियंताओं में आक्रोश व्याप्त है। आठ सितंबर को सहयोगी सत्याग्रह कार्यक्रम कर विरोध जताया जाएगा। प्रात: 10 बजे से 48 घंटे तक सभी सदस्य अपने कार्य स्थल पर उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का तत्परता से निष्पादन कर बेहतर उपभोक्ता सेवा सुनिश्चित कराएंगे।
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सचिव इंजीनियर प्रियदर्शी तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा का निजीकरण होने से बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी। बिजली दरों में समय-समय पर मिलने वाली सब्सिडी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं व किसानों पर पड़ेगा। धरने को इंजीनियर विमलेंद्र श्रीवास्तव, शादाब खां, राजेश मौर्या, प्रमोद कुमार, प्रेम चंद्र, केके तिवारी, जयप्रकाश पाल, अमित चौधरी आदि ने संबोधित कर निजीकरण के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान किया। धरने के बाद अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा गया।
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राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिलाध्यक्ष इंजीनियर प्रवेश कुमार ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि अवर अभियंताओं व प्रोन्नत अभियंताओं की समस्याओं के साथ-साथ निजीकरण को लेकर भी आंदोलन शुरू किया गया है। अपराह्न तीन से सायं पांच बजे तक निजीकरण व अन्य मांगों को लेकर विरोध जताया जा रहा है।
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ऊर्जा प्रबंधन की तरफ से कर्मचारियों के हित में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी न किए जाने से अवर अभियंताओं व प्रोन्नत अभियंताओं में आक्रोश व्याप्त है। आठ सितंबर को सहयोगी सत्याग्रह कार्यक्रम कर विरोध जताया जाएगा। प्रात: 10 बजे से 48 घंटे तक सभी सदस्य अपने कार्य स्थल पर उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों का तत्परता से निष्पादन कर बेहतर उपभोक्ता सेवा सुनिश्चित कराएंगे।
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सचिव इंजीनियर प्रियदर्शी तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा का निजीकरण होने से बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि होगी। बिजली दरों में समय-समय पर मिलने वाली सब्सिडी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं व किसानों पर पड़ेगा। धरने को इंजीनियर विमलेंद्र श्रीवास्तव, शादाब खां, राजेश मौर्या, प्रमोद कुमार, प्रेम चंद्र, केके तिवारी, जयप्रकाश पाल, अमित चौधरी आदि ने संबोधित कर निजीकरण के खिलाफ आरपार की लड़ाई का एलान किया। धरने के बाद अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा गया।