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Balrampur News: नेपाल सीमा पर अब एसएसबी संग निगरानी करेगी पुलिस
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बलरामपुर। नेपाल की खुली सीमा से भारत में घुसपैठ और तस्करी पर अंकुश के लिए अब एक नया मसौदा तैयार किया गया है। नेपाल सीमा पर अब सीमा सुरक्षा बल के साथ ही सिविल पुलिस को पेट्रोलिंग में लगाया गया है। सीमा सुरक्षा बल के चेक पोस्ट पर भी दो-दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ये संयुक्त टीमें सीमा के साथ ही पगडंडियों तक की खाक छान रही हैं।
देवीपाटन मंडल के बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले नेपाल की सीमा से सटे हैं। इन जिलों में नेपाल की खुली सीमा है। जहां से आने-जाने के लिए कई पगडंडियां हैं। दोनों देशों के ग्रामीण इलाकों के तमाम लोग इन रास्तों से आते-जाते हैं। ऐसे में इन गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती गांवों में दस सदस्यीय सुरक्षा समिति का गठन करने के बाद अब एक और व्यवस्था बनाई गई है।
सीमावर्ती थानों में 15 किलोमीटर तक सशस्त्र सीमा बल के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को भी पेट्रोलिंग में लगाया गया है। सीमा सुरक्षा बल के चेक पोस्ट पर दो-दो पुलिसकर्मियों को लगाया जा रहा है। सीमावर्ती थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को हर छह माह में बदलने की योजना है। पुलिस व एसएसबी के जवान संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करके खुली सीमा की 24 घंटे निगरानी करेंगे।
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सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसमें बाइक, वाइनाकुलर, नाइटविजन डिवाइस, सीयूजी फोन और छोटे व अत्याधुनिक शस्त्र भी दिए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पेट्रोलिंग करने वाले पुलिसकर्मियों के रहने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए बैरक बनाए जाएंगे। छत पर वाच टावर बनेगा और कंट्रोल रूम की भी स्थापना की जाएगी।
नेपाल सीमा पर चौकी की स्थापना की जाएगी। अगर पहले से कोई चौकी है तो उसका नवीनीकरण कराया जाएगा। जिसमें वाच टावर बनाने के साथ ही कंट्रोल रूम भी होगा। थाने में भी कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। तस्करी रोकने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। ग्राम सुरक्षा समिति में भूतपूर्व सैनिकों के साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों को रखा जाएगा।
एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव का कहना है कि भारत नेपाल सीमा की सुरक्षा चाक-चौबंद करने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। पेट्रोलिंग के लिए एसएसबी के साथ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। चेक पोस्ट पर भी थाने से पुलिसकर्मी लगाए जा रहे हैं। ग्राम सुरक्षा समितियों को प्रभावी किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को बाइक व अन्य संसाधन मुहैया कराने के साथ ही वाच टावर बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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देवीपाटन मंडल के बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती जिले नेपाल की सीमा से सटे हैं। इन जिलों में नेपाल की खुली सीमा है। जहां से आने-जाने के लिए कई पगडंडियां हैं। दोनों देशों के ग्रामीण इलाकों के तमाम लोग इन रास्तों से आते-जाते हैं। ऐसे में इन गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती गांवों में दस सदस्यीय सुरक्षा समिति का गठन करने के बाद अब एक और व्यवस्था बनाई गई है।
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सीमावर्ती थानों में 15 किलोमीटर तक सशस्त्र सीमा बल के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को भी पेट्रोलिंग में लगाया गया है। सीमा सुरक्षा बल के चेक पोस्ट पर दो-दो पुलिसकर्मियों को लगाया जा रहा है। सीमावर्ती थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को हर छह माह में बदलने की योजना है। पुलिस व एसएसबी के जवान संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करके खुली सीमा की 24 घंटे निगरानी करेंगे।
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सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इसमें बाइक, वाइनाकुलर, नाइटविजन डिवाइस, सीयूजी फोन और छोटे व अत्याधुनिक शस्त्र भी दिए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पेट्रोलिंग करने वाले पुलिसकर्मियों के रहने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए बैरक बनाए जाएंगे। छत पर वाच टावर बनेगा और कंट्रोल रूम की भी स्थापना की जाएगी।
नेपाल सीमा पर चौकी की स्थापना की जाएगी। अगर पहले से कोई चौकी है तो उसका नवीनीकरण कराया जाएगा। जिसमें वाच टावर बनाने के साथ ही कंट्रोल रूम भी होगा। थाने में भी कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। तस्करी रोकने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। ग्राम सुरक्षा समिति में भूतपूर्व सैनिकों के साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों को रखा जाएगा।
एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव का कहना है कि भारत नेपाल सीमा की सुरक्षा चाक-चौबंद करने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। पेट्रोलिंग के लिए एसएसबी के साथ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। चेक पोस्ट पर भी थाने से पुलिसकर्मी लगाए जा रहे हैं। ग्राम सुरक्षा समितियों को प्रभावी किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को बाइक व अन्य संसाधन मुहैया कराने के साथ ही वाच टावर बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।