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Balrampur News: दोहरी नागरिकता कांड में पासपोर्ट फाइलों की चेन खंगाल रही पुलिस
Wed, 22 Jul 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 22 Jul 2026 10:52 PM IST
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बलरामपुर। भारत-नेपाल दोहरी नागरिकता प्रकरण की विवेचना अब पासपोर्ट जारी करने की पूरी प्रक्रिया की कड़ियां खंगालने पर केंद्रित है। जांच एजेंसियां उन पासपोर्ट फाइलों की बारीकी से जांच कर रही हैं, जिनके आधार पर आरोपितों को भारतीय पासपोर्ट जारी किए गए। आवेदन जमा होने से लेकर दस्तावेजों के सत्यापन, पुलिस रिपोर्ट, प्रशासनिक संस्तुति और पासपोर्ट जारी होने तक प्रत्येक चरण की पड़ताल की जा रही है।
जांच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना नहीं है कि पासपोर्ट किन दस्तावेजों के आधार पर जारी हुए, बल्कि यह भी स्पष्ट करना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सत्यापन अथवा संस्तुति दी। विवेचना अधिकारी पुराने अभिलेखों, हस्ताक्षरों, सत्यापन रिपोर्टों और संस्तुतियों का मिलान कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि कहीं नियमों की अनदेखी, लापरवाही या जानबूझकर अनियमितता तो नहीं हुई।
पासपोर्ट आवेदन के साथ संलग्न जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा अन्य दस्तावेजों का भी दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। यदि किसी दस्तावेज के फर्जी होने की पुष्टि होती है तो यह भी जांचा जाएगा कि उसके आधार पर अनुकूल सत्यापन रिपोर्ट या संस्तुति किस स्तर से जारी की गई थी। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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दोहरी नागरिकता प्रकरण में अब तक 27 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से तीन लोगों के भारतीय पासपोर्ट बनवाकर खाड़ी देशों में जाने की जानकारी सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दोहरी नागरिकता प्रकरण की विवेचना विभिन्न बिंदुओं पर लगातार आगे बढ़ रही है। सभी दस्तावेजों और अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जा रहा है।
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जांच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना नहीं है कि पासपोर्ट किन दस्तावेजों के आधार पर जारी हुए, बल्कि यह भी स्पष्ट करना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सत्यापन अथवा संस्तुति दी। विवेचना अधिकारी पुराने अभिलेखों, हस्ताक्षरों, सत्यापन रिपोर्टों और संस्तुतियों का मिलान कर रहे हैं, ताकि यह पता चल सके कि कहीं नियमों की अनदेखी, लापरवाही या जानबूझकर अनियमितता तो नहीं हुई।
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पासपोर्ट आवेदन के साथ संलग्न जन्म प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा अन्य दस्तावेजों का भी दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। यदि किसी दस्तावेज के फर्जी होने की पुष्टि होती है तो यह भी जांचा जाएगा कि उसके आधार पर अनुकूल सत्यापन रिपोर्ट या संस्तुति किस स्तर से जारी की गई थी। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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दोहरी नागरिकता प्रकरण में अब तक 27 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से तीन लोगों के भारतीय पासपोर्ट बनवाकर खाड़ी देशों में जाने की जानकारी सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दोहरी नागरिकता प्रकरण की विवेचना विभिन्न बिंदुओं पर लगातार आगे बढ़ रही है। सभी दस्तावेजों और अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जा रहा है।