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भारत की यूरिया से लहलहा रही नेपाल की खेती
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फोटो-2-बलरामपुर के भारत-नेपाल की खुली पगडंडी रास्ता।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। भारत की यूरिया से नेपाल के किसानों की फसल लहलहा रही है। नेपाल के किसान भारत से खाद की तस्करी कर सब्सिडी को चूना लगा रहे हैं। सीमा क्षेत्र में पड़ने वाली पगडंडियों से नेपाल में खाद व अन्य पदार्थों की तस्करी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। भारत-नेपाल की करीब 75 किलोमीटर लंबी सीमा में कई पगडंडियां हैं। इनमें से कई पगडंडियों पर एसएसबी की चौकियां स्थापित हैं तो कुछ पर चौकी नहीं है जिसकी निगरानी एसएसबी के जवान लगातार करते हैं। खाद की तस्करी पर अंकुुश लगाने के लिए डीएम ने एसएसबी के कमांडेंट व एसपी को पत्र लिखा है।
गौरतलब है कि हरैया थाना क्षेत्र के अड़बड़वा नाका से लेकर थाना पचपेड़वा के चंदनुपर बरियारी नाका तक करीब 75 किलोमीटर की दूरी में भारत-नेपाल की सीमा जुड़ी हुई है। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में कई पगडंडियां हैं। बरहवा नाका पर एसएसबी 9वीं वाहिनी की चौकी स्थापित है। भदवार सीमा से जुड़ी फोहरी नाका पर एसएसबी की कोई चौकी नहीं है, यहां पटुली नाका पर स्थापित चौकी के एसएसबी जवान गश्त करते रहते हैं। सिरिया, खंगरा, गंधौला व अड़बड़वा नाका पर एसएसबी 9वीं वाहिनी की चौकियों पर तैनात जवान खाद व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए हमेशा मुस्तैद रहते हैं।
कोतवाली गैसड़ी, थाना तुलसीपुर व पचपेड़वा क्षेत्र में भी भारत-नेपाल की खुली सीमा पर कई पगडंडियां हैं जिनसे खाद व अन्य पदार्थों की तस्करी अक्सर होती रहती है। नेपाल से भारत के रोटी-बेटी के संबंध का भी खाद की तस्करी में प्रयोग होता है। सीमा से सटे क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि एसएसबी के जवानों व पुलिस से बचकर कुछ लोग खाद व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। उनका यह भी कहना है कि भारत की यूरिया से नेपाल देश के किसानों की फसलें लहलहा रही हैं।
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प्रभारी निरीक्षक हरैया थाना जयदीप दूबे ने बताया कि पुलिस, एसएसबी जवान व वन विभाग के अफसरों की संयुक्त टीमें अक्सर भारत-नेपाल की खुली सीमा क्षेत्र में कड़ी चौकसी करती रहती हैं। एक सप्ताह पहले सीओ ललिया आरआर सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरैया थाना व एसआई कलाधर दूबे ने एसएसबी जवानों व वन विभाग के अफसरों के साथ मिलकर नो-मेंस-लैंड पर मार्च किया और सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का जायजा लिया।
उर्वरकों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एसएसबी 9वीं व 50वीं वाहिनी के कमांडेंट और एसपी को पत्र लिखा गया है। भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी को रोकने के लिए कड़ी चौकसी कराई जाएगी। जिले के 100 दुकानदारों द्वारा सितंबर व अक्तूबर में की गई उर्वरक की बिक्री की जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के खिलाफ जिला कृषि अधिकारी आरपी राना को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। किसानों को आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। - श्रुति, डीएम
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गौरतलब है कि हरैया थाना क्षेत्र के अड़बड़वा नाका से लेकर थाना पचपेड़वा के चंदनुपर बरियारी नाका तक करीब 75 किलोमीटर की दूरी में भारत-नेपाल की सीमा जुड़ी हुई है। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में कई पगडंडियां हैं। बरहवा नाका पर एसएसबी 9वीं वाहिनी की चौकी स्थापित है। भदवार सीमा से जुड़ी फोहरी नाका पर एसएसबी की कोई चौकी नहीं है, यहां पटुली नाका पर स्थापित चौकी के एसएसबी जवान गश्त करते रहते हैं। सिरिया, खंगरा, गंधौला व अड़बड़वा नाका पर एसएसबी 9वीं वाहिनी की चौकियों पर तैनात जवान खाद व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए हमेशा मुस्तैद रहते हैं।
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कोतवाली गैसड़ी, थाना तुलसीपुर व पचपेड़वा क्षेत्र में भी भारत-नेपाल की खुली सीमा पर कई पगडंडियां हैं जिनसे खाद व अन्य पदार्थों की तस्करी अक्सर होती रहती है। नेपाल से भारत के रोटी-बेटी के संबंध का भी खाद की तस्करी में प्रयोग होता है। सीमा से सटे क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि एसएसबी के जवानों व पुलिस से बचकर कुछ लोग खाद व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। उनका यह भी कहना है कि भारत की यूरिया से नेपाल देश के किसानों की फसलें लहलहा रही हैं।
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प्रभारी निरीक्षक हरैया थाना जयदीप दूबे ने बताया कि पुलिस, एसएसबी जवान व वन विभाग के अफसरों की संयुक्त टीमें अक्सर भारत-नेपाल की खुली सीमा क्षेत्र में कड़ी चौकसी करती रहती हैं। एक सप्ताह पहले सीओ ललिया आरआर सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरैया थाना व एसआई कलाधर दूबे ने एसएसबी जवानों व वन विभाग के अफसरों के साथ मिलकर नो-मेंस-लैंड पर मार्च किया और सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों का जायजा लिया।
उर्वरकों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एसएसबी 9वीं व 50वीं वाहिनी के कमांडेंट और एसपी को पत्र लिखा गया है। भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी को रोकने के लिए कड़ी चौकसी कराई जाएगी। जिले के 100 दुकानदारों द्वारा सितंबर व अक्तूबर में की गई उर्वरक की बिक्री की जांच कराई जाएगी। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के खिलाफ जिला कृषि अधिकारी आरपी राना को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। किसानों को आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। - श्रुति, डीएम

फोटो-3-बलरामपुर में सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त करती एसएसबी की टीम।(संवाद)- फोटो : BALRAMPUR